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VK Singh sarcasm on HAL Aircraft Parts Fall Off Runway Is This Capability | वीके सिंह का एचएएल पर तंज- पायलटों की जान गई, विमान के हिस्से गिर जाते हैं; यही क्षमता है?


  • पुणे में वीके सिंह ने कहा- राफेल को लेकर मोदी सरकार पर आरोप लगाने वाले एचएफ-24 की विफलता के जिम्मेदार
  • केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री ने कहा- एचएएल की परियोजनाओं में 3.5 साल की देरी हो रही

पुणे. राफेल सौदे पर कांग्रेस के आरोपों के बीच केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तंज कसा कि हमारे दो पायलटों की जान चली गई और विमान के टुकड़े रनवे पर गिर जाते हैं, क्या यही क्षमता है?


रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में सवालों के जवाब देते हुए सिंह ने कहा- 36 राफेल विमानों की खरीद हमारी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी है। एचएएल की हालत देखिए। हमारे दो पायलटों की जान चली गई। माफी चाहूंगा, लेकिन एचएएल में चलने वाली परियोजनाओं में साढ़े तीन साल की देरी हो रही है। विमान के टुकड़े रनवे पर बिखर जाते हैं। क्या यही गुणवत्ता है। क्या यही क्षमता है? और, दूसरी तरफ आप कहते हैं कि एचएएल को राफेल का काम नहीं मिला।

 

फ्रांस ने एचएएल को ऑफसेट पार्टनर ना चुनने का फैसला किया

सिंह ने कहा कि ऑफसेट पार्टनर चुनने का फैसला फ्रांस का था, भारत सरकार का नहीं। ऑफसेट पार्टनर चुनने का मकसद यह था कि इंडस्ट्री भारत में भी विस्तार करे, अगर फ्रांसीसी एचएएल से संतुष्ट नहीं थे तो यह उनका फैसला था।

 

आरोप लगाया- एचएफ-24 का पूरा डाटा मिटा दिया

सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया- 60 के दशक में हम स्वदेशी एचएफ-24 का डिजाइन लेकर आए। गैस टरबाइन रिसर्च स्टैब्लिशमेंट (जीटीआरई) को इसका इंजन बनाने का जिम्मा दिया गया, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद हमें इंजन के लिए आयात पर निर्भर होना पड़ा। हम अमेरिका के पास गए, उससे हमें ऐसे इंजन मिले जो हमारे पायलटों की मौत का कारण बने। अगर तत्कालीन सरकार ने जीटीआरई को इंजन बनाने की क्षमता दी होती, तो आज हमारे पास राफेल से ज्यादा अच्छी तकनीक वाले स्वदेशी लड़ाकू विमान होते। ये लोग मौजूदा सरकार पर राफेल डील को लेकर आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में एचएफ-24 की विफलता का आरोप उस समय की सरकार को जाता है। मैं इसे देशद्रोह कहूंगा, क्योंकि एचएफ-24 का पूरा डाटा मिटा दिया गया। वो भी किसी की जानकारी में लाए बिना।

 

मिराज 2000 बेंगलुरु में हुआ था क्रैश

सिंह बेंगलुरु में 1 फरवरी को हुई घटना का जिक्र कर रहे थे। इसमें मिराज 2000 ट्रेनर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से 2 पायलटों की जान चली गई थी। एचएएल ने इस विमान में एक अपग्रेडेशन किया था, इसके बाद पायलट इसे परीक्षण के लिए छोटी सी उड़ान पर ले गए थे।

 





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