Uttar pradesh News In Hindi : up lok sabha election 2019 rahul gandhi today will file nomination from amethi | राहुल आज अमेठी से चौथी बार पर्चा भरेंगे; सोनिया और प्रियंका रहेंगी साथ

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  • नामांकन से पहले राहुल गांधी गौरीगंज में 2 किलोमीटर का रोड शो करेंगे
  • राहुल केरल की वायनाड से भी लड़ रहे चुनाव, पहले बार 2 सीटों से मैदान में
  • सोनिया का 5 साल बाद अमेठी दौरा, यहां 6 मई को होगा मतदान

अमेठी. केरल की वायनाड के बाद बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से चौथी बार नामांकन करेंगे। इससे पहले वह गौरीगंज में दो किमी का रोड शो करेंगे। उनके साथ मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी रहेंगी। पांच साल बाद सोनिया गांधी अमेठी आ रही हैं। वे पिछली बार भी राहुल के नामांकन के वक्त उनके साथ थीं।

 

लखनऊ के फूलों की होगी बारिश

अमेठी में पांचवे चरण में 6 मई को मतदान होगा। यहां बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। राहुल पहले ही दिन पर्चा भरेंगे। वे सुबह हेलिकॉप्टर से यहां पहुंचेंगे। सबसे पहले रोड शो करेंगे। गांधी परिवार के स्वागत में गुलाब पंखुड़ियों की वर्षा की जाएगी। ये फूल लखनऊ से मंगवाए हैं। 

 

11 अप्रैल को स्मृति भरेंगी नामाकंन

अमेठी में राहुल का मुकाबला इस बार फिर भाजपा की स्मृति ईरानी से है। ईरानी 11 अप्रैल को पर्चा भरेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई मंत्रियों के मौजूद रहने की उम्मीद है। यहां बसपा-सपा गठबंधन ने अपना कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

 

2004 में पहली बार राहुल बने सांसद

राहुल 2004 में पहली बार अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब उन्होंने बसपा के चंद्र प्रकाश मिश्रा को करीब तीन लाख वोटों से हराया था। 2009 के चुनाव में राहुल फिर जीते। इस बार जीत का आंकड़ा साढ़े तीन लाख पहुंच गया। 2014 में राहुल तीसरी बार इस सीट से सांसद चुने गए। तब उनका मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से ही था। लेकिन इस बार राहुल की जीत का अंतर घटकर एक लाख सात हजार वोट पर आ गया। 

 

अमेठी से अब तक कांग्रेस 2 बार हारी

अमेठी लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां अब तक 16 लोकसभा चुनाव और दो उप चुनाव हुए हैं। इनमें कांग्रेस 16 बार जीती। 1977 में यहां भारतीय लोकदल और 1998 में भाजपा ने चुनाव जीता था।

 

राहुल के चाचा-पिता और मां भी रहे अमेठी के सांसद

गांधी परिवार से जब-जब नए नेता आए वह अमेठी से ही लोकसभा पहुंचे। अमेठी में गांधी परिवार ने 1980 में दस्तक दी थी। तब संजय गांधी यहां कांग्रेस के टिकट से सांसद चुने गए। उनके निधन के बाद राजीव गांधी ने राजनीति में पदार्पण किया और 1981 से 1991 तक लगातार चार बार यहां से सांसद चुने गए। 1991 में राजीव के निधन के बाद कांग्रेस के सतीश शर्मा 1991 से 1998 तक यहां से सांसद चुने गए। 1998 से 1999 तक भाजपा के संजय सिंह यहां से लोकसभा गए। 1999 में जब सोनिया गांधी का राजनीति में पदार्पण हुआ तो वह भी चुनाव लड़ने अमेठी आईं। 1999 से 2004 तक वे यहां से सांसद रहीं। इसके बाद वह रायबरेली सीट से लगातार सांसद हैं। 2004 में राहुल ने राजनीति में कदम रखा और उन्होंने भी अमेठी को चुना।





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