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robert vadra at ed office in jaipur | जयपुर: वाड्रा से बंद कमरे में ईडी के 4 अफसर दूसरे दिन भी कर रहे पूछताछ


  • मंगलवार को ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा से करीब 9 घंटे तक पूछताछ की थी
  • ईडी ने वाड्रा की मां से भी पूछताछ की, वह कंपनी में निदेशक थीं

जयपुर. बीकानेर जमीन खरीद मामले में आज फिर सुबह रॉबर्ट वाड्रा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) दफ्तर पहुंचे। वाड्रा से एक अलग कमरे मे पूछताछ की जा रही है। जहां चार अधिकारियों के अलावा किसी को आने की इजाजत नही दी गई है। सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई पूछताछ 1:30 बजे तक चली। इसके बाद वाड्रा को एक घंटे की मोहलत लंच के लिए दी गई। दोपहर 2:30 बजे फिर से उनसे पूछताछ शुरू हो गई। 

 

ईडी ऑफिस में कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन लॉकर में रखवा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि वाड्रा से महेश नागर के बारे में पूछताछ की जा रही है। महेश, कांग्रेस विधायक का भाई है। महेश के करीबी अशोक कुमार ने कंपनी के लिए कोलायत में जयप्रकाश से जमीन के सौदे किए थे।

 

इससे पहले मंगलवार को करीब 9 घंटे पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें बुधवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि वाड्रा से आज करीब 30 सवाल किए जा सकते हैं। इस दौरान दिल्ली से आए ईडी के अफसर भी मौजूद रहे। वहीं, रॉबर्ट की मां मौरिन से आज कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। मंगलवार को ईडी ने उनकी मां से पूछताछ की थी। मंगलवार को ईडी अफसरों ने सबसे पहले वाड्रा की मां से करीब पौने दो घंटे में 10 सवाल पूछे थे।

 

ईडी अधिकारियों ने मंगलवार को वाड्रा से बीकानेर में ही जमीन क्यों ली, किसने सौदा कराया जैसे 20 सवाल पूछे। उधर, वाड्रा ने कहा कि उनके पास छुपाने को कुछ नहीं है। कितनी भी लंबी पूछताछ झेल सकता हूं। ईडी के सामने वाड्रा की जयपुर में यह पहली पेशी है। इससे पहले वे लंदन की संपत्तियों के मामले में दिल्ली में तीन बार ईडी के सामने पेश हो चुके हैं।

 

75 साल की मां को परेशान कर रही सरकार

पूछताछ से पहले वाड्रा ने मां के साथ फोटो ट्वीट की। लिखा- 75 वर्षीय मां को सियासी बदले की भावना से सरकार परेशान कर रही है। उधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। बीकानेर जमीन मामले में वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने 79 लाख रुपए में 270 बीघा जमीन खरीदकर 3 साल बाद 5.15 करोड़ रुपए में बेच दी। ईडी के कई समन के बाद भी वह पेश नहीं हुए थे। इसके बाद अब कोर्ट के निर्देश पर पहुंचे हैं। वाड्रा की स्काइलाइट हॉस्पिटेलिटी कंपनी में मां निदेशक थीं। 

 

प्रियंका और वाड्रा से कांग्रेस नेताओं ने बनाई दूरी

सूत्रों का कहना है कि प्रियंका ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को पहले से ही यह संदेश करा दिया था कि उनसे या उनके पति से मिलने के लिए कोई पार्टी का नेता नहीं आएगा। यह मामला पारिवारिक है। प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के इनके पक्ष में खड़ा होने से पब्लिक में गलत मैसेज जा सकता है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में पार्टी को कहीं नुकसान न उठाना पड़ जाए। इसको देखते हुए प्रदेश का कोई भी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा या उनके पति राबर्ट वाड्रा के इर्द-गिर्द नजर नहीं आया।





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