Price Of Petrol And Diesel Is Not Affected By Loksabha Chunav 2019 – चुनाव ने नहीं बढ़ने दिया पेट्रोल-डीजल का दाम, चार माह में इतनी हुई बढ़ोतरी

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते चार महीने में कच्चे तेल का दाम 50 फीसदी तक बढ़ा है। हालांकि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम में महज 6.5 फीसदी की ही बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां मंत्रालय के डर से दाम बढ़ाने से हिचक रही हैं, जिससे उनका घाटा बढ़ रहा है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 25 दिसंबर 2018 को 42.53 डॉलर प्रति बैरल था। इसका घरेलू बाजार में असर पड़ने में 15 दिन का समय लगता है। इस लिहाज से 9 जनवरी 2019 को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 68.50 रुपये और डीजल का दाम 62.24 रुपये प्रति लीटर था। अभी डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम बढ़कर 64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो बीते दिसंबर के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक है।

झूठी है स्वतंत्रता

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि यह सब आम चुनाव के कारण हो रहा है। इससे पहले भी कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों में भी दाम नहीं बढ़े थे। भारत में पेट्रोल-डीजल के क्षेत्र में प्रशासित कीमतों (एपीएम) का जमाना कब का चला गया है, लेकिन अब भी सरकारी कंपनियां मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ही कुछ करती हैं।

कच्चे तेल से नहीं जुड़ा भाव

इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में पेट्रोल-डीजल का भाव कच्चे तेल के भाव से नहीं जुड़ा है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल का दाम तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमत को आधार बनाया जाता है। हो सकता है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल और पेट्रोल की अधिकता हो और वहां इन दोनों कमोडिटी की कीमतें कम हो। 

अब वास्तविक समय में क्रूड ऑयल खरीदेगी आईओसी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के वित्तीय निदेशक एके शर्मा ने कहा कि कंपनी ने अपने नई दिल्ली स्थित कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय बाजार से वास्तविक समय में क्रूड ऑयल खरीदने के लिए एक कारोबारी डेस्क गठित की है। इससे कंपनी का आयात मूल्य कम होगा और बेहतर कीमत के साथ बेहतर गुणवत्ता भी मिलेगी। इससे पहले कंपनी ने ऐसा ही कारोबारी कार्यालय सिंगापुर में 2017 में स्थापित किया था। कंपनी ने घरेलू कारोबारी डेस्क के तहत पहली खरीद 25 मार्च को की थी, जिसके तहत उसने 10 लाख बैरल तेल की खरीद थी। हालांकि भारतीय बाजार में निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज समान डेस्क के माध्यम से अपने क्रूड की खरीद और अपने यह उत्पादित तेल का निर्यात करती है। लेकिन आईओसी ऐसा करने वाली पहली सरकारी कंपनी बन गई है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते चार महीने में कच्चे तेल का दाम 50 फीसदी तक बढ़ा है। हालांकि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम में महज 6.5 फीसदी की ही बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां मंत्रालय के डर से दाम बढ़ाने से हिचक रही हैं, जिससे उनका घाटा बढ़ रहा है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 25 दिसंबर 2018 को 42.53 डॉलर प्रति बैरल था। इसका घरेलू बाजार में असर पड़ने में 15 दिन का समय लगता है। इस लिहाज से 9 जनवरी 2019 को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 68.50 रुपये और डीजल का दाम 62.24 रुपये प्रति लीटर था। अभी डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम बढ़कर 64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो बीते दिसंबर के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक है।

झूठी है स्वतंत्रता

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि यह सब आम चुनाव के कारण हो रहा है। इससे पहले भी कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों में भी दाम नहीं बढ़े थे। भारत में पेट्रोल-डीजल के क्षेत्र में प्रशासित कीमतों (एपीएम) का जमाना कब का चला गया है, लेकिन अब भी सरकारी कंपनियां मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ही कुछ करती हैं।

कच्चे तेल से नहीं जुड़ा भाव

इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में पेट्रोल-डीजल का भाव कच्चे तेल के भाव से नहीं जुड़ा है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल का दाम तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमत को आधार बनाया जाता है। हो सकता है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल और पेट्रोल की अधिकता हो और वहां इन दोनों कमोडिटी की कीमतें कम हो। 

अब वास्तविक समय में क्रूड ऑयल खरीदेगी आईओसी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के वित्तीय निदेशक एके शर्मा ने कहा कि कंपनी ने अपने नई दिल्ली स्थित कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय बाजार से वास्तविक समय में क्रूड ऑयल खरीदने के लिए एक कारोबारी डेस्क गठित की है। इससे कंपनी का आयात मूल्य कम होगा और बेहतर कीमत के साथ बेहतर गुणवत्ता भी मिलेगी। इससे पहले कंपनी ने ऐसा ही कारोबारी कार्यालय सिंगापुर में 2017 में स्थापित किया था। कंपनी ने घरेलू कारोबारी डेस्क के तहत पहली खरीद 25 मार्च को की थी, जिसके तहत उसने 10 लाख बैरल तेल की खरीद थी। हालांकि भारतीय बाजार में निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज समान डेस्क के माध्यम से अपने क्रूड की खरीद और अपने यह उत्पादित तेल का निर्यात करती है। लेकिन आईओसी ऐसा करने वाली पहली सरकारी कंपनी बन गई है। 





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