Home National News President Ram Nath Kovind gives nod to 10% quota bill for economically...

President Ram Nath Kovind gives nod to 10% quota bill for economically weaker | राष्ट्रपति कोविंद ने सवर्णों को 10% आरक्षण दिए जाने के बिल को मंजूरी दी

0
0


  • संशोधन बिल 9 जनवरी को राज्यसभा और 8 जनवरी को लोकसभा में पास हुआ था
  • विधि मंत्रालय की अधिसूचना के बाद अब यह कानून बन जाएगा

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 07:21 PM IST

नई दिल्ली. सवर्ण गरीबों को 10% आरक्षण दिए जाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में पास किए गए 124वें संविधान संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मंजूरी दे दी है। विधि मंत्रालय की अधिसूचना के बाद अब यह कानून बन जाएगा।

 

संशोधन बिल 9 जनवरी को राज्यसभा और 8 जनवरी को लोकसभा में पास हुआ था। राज्यसभा में 8 घंटे और लोकसभा में करीब 5 घंटे इस बिल पर चर्चा हुई थी। 

 

 

कुल आरक्षण 49.5% से बढ़कर 59.5% हो जाएगा

 







वर्ग मौजूदा आरक्षण नया आरक्षण
ओबीसी 27% 27%
एससी 15% 15%
एसटी 7.5% 7.5%
सवर्ण 10%
कुल 49.5% 59.5%

 

सवर्णों को आरक्षण देने के लिए 5 प्रमुख मापदंड
1. परिवार की सालाना आमदनी 8 लाख रु. से ज्यादा न हो।
2. परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि न हो।
3. आवेदक के पास 1,000 वर्ग फीट से बड़ा फ्लैट नहीं होना चाहिए। 
4. म्यूनिसिपलिटी एरिया में 100 गज से बड़ा घर नहीं होना चाहिए। 
5. नॉन नोटिफाइड म्यूनिसिपलिटी में 200 गज से बड़ा घर न हो।

 

चाहें तो पैमाना 5 लाख भी कर सकते हैं राज्य

चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष से कहा था- आप विधेयक में 8 लाख की आय सीमा पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन बिल में प्रावधान है कि राज्य अपनी मर्जी से जनरल कैटेगरी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का पैमाना तय कर सकेंगे। उदाहरण के लिए किसी राज्य को लगता है कि आमदनी का पैमाना 8 लाख रुपए नहीं 5 लाख रुपए होना चाहिए तो वह ऐसा कर सकेगा। संवैधानिक संशोधन के जरिए राज्यों को यह निर्णय करने का अधिकार रहेगा।

यह आरक्षण राज्य सरकारों की नौकरियों और कॉलेजों पर भी लागू होगा

रविशंकर प्रसाद ने कहा था- यह आरक्षण सिर्फ केंद्र सरकार की नौकरियों या केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा। यह राज्य सरकारों की नौकरियों और कॉलेजों पर भी लागू होगा। आप हमसे सवाल पूछ रहे हैं कि अभी इस बिल को क्यों ला रहे हैं। आपको किसने रोका था इस बिल को लाने के लिए? हम सभी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और मैं मानता हूं कि इस मुद्दे को समझने की कोशिश सभी ने की है। गांव में जाइए और आपको पता चलेगा कि अगड़े वर्ग के लोग भी गरीब हैं। 





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.