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Police did not understand the order written in English | संपत्ति जांच के अंग्रेजी में लिखे आदेश नहीं समझ सकी पुलिस, युवक को गिरफ्तार कर ले आई कोर्ट


  • मखदुमपुर पुलिस का अजीब कारनामा, पटना फैमिली कोर्ट के जज भी चौंक गए
  • युवक के खिलाफ पत्नी को भरण-पोषण देने के आदेश को लेकर चल रहा मामला 

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2018, 04:37 AM IST

मुकेश कुमार गौतम (जहानाबाद). पुलिस की नादानी कभी-कभी पूरे महकमे के लिए शर्मींदगी बन जाती है। कुछ ऐसा ही कारनामा जहानाबाद पुलिस ने कर दिया है।

 

मखदुमपुर पुलिस को पटना फैमिली कोर्ट से मखदुमपुर डीह के रहने वाले नीरज की संपत्ति की जांच करने का आदेश मिला था। लेकिन, पुलिस उस आदेश को वाॅरंट समझ नीरज को गिरफ्तार कर थाने की हाजत में बंद कर दिया। उसकी लाख दुहाई और गुहार के बाद भी पुलिस आदेश को समझ नहीं पाई और अगले दिन उसे अपनी हिरासत में लेकर पटना सिविल कोर्ट पहुंच गई।

 

यह पूरा वाक्या बीते 25 और 26 नवंबर की है। नीरज ने बताया कि 25 नवंबर को वह अपनी दुकान पर बैठा था। इसी दौरान पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई। उसने अपने वकील से भी बात कराई, लेकिन, पुलिस कुछ सुनने और समझने को तैयार नहीं थी। अगले दिन उसे पटना फैमिली कोर्ट में पेश किया गया। नीरज ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी देख न्यायधीश ने साथ गई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई और उसे बाइज्जत घर पहुंचाने को कहा।

 

नीरज की शादी वर्ष 2012 में पुनपुन के सकरैसा गांव में हुई थी। शादी के कुछ माह बाद से ही रिश्ते में तनाव आ गया और पत्नी ने पटना व जहानाबाद में प्रताड़ना के दो-दो केस दर्ज करा दिए। अब पटना फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला चल रहा है। इस मामले में जज ने 07 सितंबर 2018 को जहानाबाद एसपी को नीरज की संपत्ति का मूल्यांकन कर रिपोर्ट देने को कहा।

 

मामला मखदुमपुर थाने से जुड़ा था इसलिए आदेश की कॉपी मखदुमपुर पुलिस को मिली। कोर्ट ने नीरज को पत्नी को 2500 रु. हर महीना भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। इस बीच, पुलिसवालों के कारनामे पर एएसपी पंकज कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसपी को दो-तीन दिनों में सौंप देंगे।



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