Planning A Trip Outside India Also Become Costly As Jet Airways Suspends Operation – दो लाख रुपये के करीब पहुंची लंदन की टिकट, घरेलू उड़ानें भी हुईं महंगी

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अगर आप अगले हफ्ते लंदन या फिर देश के बाहर अन्य किसी शहर में घूमने का प्लान कर रहे हैं तो फिर ज्यादा पैसा चुकाने के लिए तैयार हो जाइये। ऐसा इसलिए क्योंकि विदेशी उड़ानों का किराया तीन गुना बढ़ चुका है। 

जेट की उड़ानें बंद होने से हुई परेशानी

जेट एयरवेज की विदेशी उड़ानें बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 22 अप्रैल को मुंबई से लंदन जाने वाली फ्लाइट 1.8 लाख रुपये में मिल रही है, जो कि 19 घंटों में बीजिंग के रास्ते जाएगी। वहीं सबसे सस्ती उड़ान 93 हजार की है, जो रोम और मिलान के रास्ते दिल्ली से जाएगी। फिलहाल यात्रियों को अभी लंदन और ऐम्सटर्रडम की फिलहाल नॉन-स्टॉप फ्लाइट नहीं मिल रही है। 

अन्य जगह का हाल भी है बुरा

दिल्ली-टोक्यो का एक तरफ का किराया फिलहाल 58 हजार रुपये से शुरू हो रहा है। इस साल या तो फ्लाइट उपलब्ध नहीं होगी या उसका किराया बहुत महंगा होगा। वैसे इन दिनों मुंबई-लंदन का हवाई किराया 58 हजार के करीब रहता है, हालांकि इस बार इसमें तीन गुना ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

घरेलू उड़ानों में 16 फीसदी की कटौती

हवाई कंपनियों ने दिसंबर से अब तक घरेलू उड़ानों में 16 फीसदी की कटौती की है। पिछले साल भारत में हवाई यात्रियों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं फरवरी में यह इजाफा 7.42 फीसदी रहा। घरेलू यात्रियों की बात करें तो अक्तबूर तक इसमें लगभग एक करोड़ दस लाख की कमी रही।

यदि जेट एयरवेज का संकट जल्द ही खत्म नहीं होता है तो इसका असर उड़ानों पर पड़ेगा जिसके कारण दूसरी एयरलाइंस मनमाना किराया वसूल सकती हैं। इसके अलावा जो एयरलाइंस इस समय पायलटों की कमी का सामना कर रही हैं, वह बिना पूर्व सूचना के अपनी उड़ान को रद्द कर सकती हैं जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा।

मेट्रो-नॉन मेट्रो रूट्स पर इतना बढ़ गया किराया

फरवरी से लेकर मार्च के बीच हवाई किराये में मेट्रो और नॉन मेट्रो रूट्स पर बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन दो माह में मेट्रो रूट पर 39 फीसदी और नॉन मेट्रो रूट पर 24 फीसदी बढ़ोतरी हो गई थी। वहीं औसतन किराये में 29 और नौ फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। 

इस रूट पर बढ़ा सबसे ज्यादा किराया

मेट्रो रूट पर बात करें तो सबसे ज्यादा मुंबई-चेन्नई रूट पर किराये में बढ़ोतरी देखी गई है, जहां पर 39 फीसदी है। दूसरे नंबर पर दिल्ली-मुंबई रूट है जहां पर 38 फीसदी किराया बढ़ गया था। तीसरे नंबर पर कोलकाता-मुंबई रहा जहां किराया 27 फीसदी, बंगलूरू-दिल्ली पर 12 फीसदी का इजाफा देखने को मिला।

कोलकाता, बंगलूरू यहां से सस्ता

नॉन मेट्रो रूट में चेन्नई-मदूरै रूट रहा जहां किराया 24 फीसदी बढ़ गया था। मुंबई-वडोदरा में 18 फीसदी, मुंबई-देहरादून में 16 फीसदी, दिल्ली-जबलपुर रूट पर 11 फीसदी, दिल्ली-गोवा और मुंबई-गोवा रूट पर नौ फीसदी और दिल्ली-पटना रूट पर आठ फीसदी का इजाफा देखने को मिला। वहीं कोलकाता-बागडोगरा और बंगलूरू-जयपुर रूट किराये में क्रमशः एक व चार फीसदी की कमी देखने को मिली। 

अगर आप अगले हफ्ते लंदन या फिर देश के बाहर अन्य किसी शहर में घूमने का प्लान कर रहे हैं तो फिर ज्यादा पैसा चुकाने के लिए तैयार हो जाइये। ऐसा इसलिए क्योंकि विदेशी उड़ानों का किराया तीन गुना बढ़ चुका है। 

जेट की उड़ानें बंद होने से हुई परेशानी

जेट एयरवेज की विदेशी उड़ानें बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 22 अप्रैल को मुंबई से लंदन जाने वाली फ्लाइट 1.8 लाख रुपये में मिल रही है, जो कि 19 घंटों में बीजिंग के रास्ते जाएगी। वहीं सबसे सस्ती उड़ान 93 हजार की है, जो रोम और मिलान के रास्ते दिल्ली से जाएगी। फिलहाल यात्रियों को अभी लंदन और ऐम्सटर्रडम की फिलहाल नॉन-स्टॉप फ्लाइट नहीं मिल रही है। 

अन्य जगह का हाल भी है बुरा

दिल्ली-टोक्यो का एक तरफ का किराया फिलहाल 58 हजार रुपये से शुरू हो रहा है। इस साल या तो फ्लाइट उपलब्ध नहीं होगी या उसका किराया बहुत महंगा होगा। वैसे इन दिनों मुंबई-लंदन का हवाई किराया 58 हजार के करीब रहता है, हालांकि इस बार इसमें तीन गुना ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

घरेलू उड़ानों में 16 फीसदी की कटौती

हवाई कंपनियों ने दिसंबर से अब तक घरेलू उड़ानों में 16 फीसदी की कटौती की है। पिछले साल भारत में हवाई यात्रियों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं फरवरी में यह इजाफा 7.42 फीसदी रहा। घरेलू यात्रियों की बात करें तो अक्तबूर तक इसमें लगभग एक करोड़ दस लाख की कमी रही।

यदि जेट एयरवेज का संकट जल्द ही खत्म नहीं होता है तो इसका असर उड़ानों पर पड़ेगा जिसके कारण दूसरी एयरलाइंस मनमाना किराया वसूल सकती हैं। इसके अलावा जो एयरलाइंस इस समय पायलटों की कमी का सामना कर रही हैं, वह बिना पूर्व सूचना के अपनी उड़ान को रद्द कर सकती हैं जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा।





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