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Opec Countries Might Cut Crude Oil Production By 1mbpd – तेल होगा महंगा, ओपेक देश उत्पादन घटाने पर सहमत


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कच्चा तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में शुरू हो गई है। दो दिन चलने वाली इस बैठक में सभी देश यह फैसला करेंगे कि उत्पादन में कितने बिलियन बैरल की कटौती करनी चाहिए। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतों में 1 फीसदी की गिरावट देखी गई। 

साऊदी अरब उत्पादन घटाने के पक्ष में
बृहस्पतिवार की बैठक के बाद सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलीह ने ओपेक देशों के बीच बनी सहमति की जानकारी सभी को देते हुए रूस के भी उनका साथ देने की उम्मीद जताई। बता दें कि कच्चे तेल के दामों में अकेले नवंबर में ही करीब 22 फीसदी की कमी हुई है।

साऊदी अरब ने हालांकि उत्पादन घटाने के लिए कहा है। साऊदी अरब के मंत्री ने कहा कि ओपेक देश ज्यादा मात्रा में उत्पादन की कटौती करें, जिससे सभी बाजारों में एकरूपता आए। हालांकि बात पर रूस और ईरान जैसे देश सहमत नहीं हैं। 

रूस का क्या रुख होगा या साफ नहीं है। वहीं ईरान पहले ही खुद को कोटे से बाहर रखने की बात कर चुका है यानि ईरान खुद को प्रोडक्शन कटौती का हिस्सा नहीं बनने देना चाहता है। 

40 डॉलर गिर सकता है कच्चे तेल का दाम

इन दोनों देशों के अलावा अन्य देशों का मानना है कि अगर उत्पादन कटौती नहीं हुई तो क्रूड का दाम 40 डॉलर तक गिर सकता है। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही कच्चे तेल में तेज गिरावट आई है।  क्रूड का दाम करीब 1 फीसदी फिसल गया है। पूरे बाजार की नजर कच्चे तेल की चाल पर है। इस बीच कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद रुपया कमजोर हो गया है और डॉलर की कीमत 71 के पार चली गई है।

यह हो सकता है फैसला

माना ये जा रहा है कि आज ओपेक में रोजाना 10-13 लाख बैरल उत्पादन कटौती पर सहमति बन सकती है। हालांकि अमेरिका में क्रूड का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और खुद ओपेक भी पिछले 6 महीने में उत्पादन करीब 4 फीसदी बढ़ा चुका है। अक्टूबर के बाद से कच्चा तेल करीब 30 फीसदी का गोता लगा चुका है। फिलहाल ग्लोबल मार्केट में क्रूड का दाम 0.5 से 1 फीसदी नीचे है। ब्रेंट में 61 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। 

कच्चा तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में शुरू हो गई है। दो दिन चलने वाली इस बैठक में सभी देश यह फैसला करेंगे कि उत्पादन में कितने बिलियन बैरल की कटौती करनी चाहिए। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतों में 1 फीसदी की गिरावट देखी गई। 

साऊदी अरब उत्पादन घटाने के पक्ष में
बृहस्पतिवार की बैठक के बाद सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलीह ने ओपेक देशों के बीच बनी सहमति की जानकारी सभी को देते हुए रूस के भी उनका साथ देने की उम्मीद जताई। बता दें कि कच्चे तेल के दामों में अकेले नवंबर में ही करीब 22 फीसदी की कमी हुई है।

साऊदी अरब ने हालांकि उत्पादन घटाने के लिए कहा है। साऊदी अरब के मंत्री ने कहा कि ओपेक देश ज्यादा मात्रा में उत्पादन की कटौती करें, जिससे सभी बाजारों में एकरूपता आए। हालांकि बात पर रूस और ईरान जैसे देश सहमत नहीं हैं। 

रूस का क्या रुख होगा या साफ नहीं है। वहीं ईरान पहले ही खुद को कोटे से बाहर रखने की बात कर चुका है यानि ईरान खुद को प्रोडक्शन कटौती का हिस्सा नहीं बनने देना चाहता है। 

40 डॉलर गिर सकता है कच्चे तेल का दाम

इन दोनों देशों के अलावा अन्य देशों का मानना है कि अगर उत्पादन कटौती नहीं हुई तो क्रूड का दाम 40 डॉलर तक गिर सकता है। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही कच्चे तेल में तेज गिरावट आई है।  क्रूड का दाम करीब 1 फीसदी फिसल गया है। पूरे बाजार की नजर कच्चे तेल की चाल पर है। इस बीच कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद रुपया कमजोर हो गया है और डॉलर की कीमत 71 के पार चली गई है।

यह हो सकता है फैसला

माना ये जा रहा है कि आज ओपेक में रोजाना 10-13 लाख बैरल उत्पादन कटौती पर सहमति बन सकती है। हालांकि अमेरिका में क्रूड का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और खुद ओपेक भी पिछले 6 महीने में उत्पादन करीब 4 फीसदी बढ़ा चुका है। अक्टूबर के बाद से कच्चा तेल करीब 30 फीसदी का गोता लगा चुका है। फिलहाल ग्लोबल मार्केट में क्रूड का दाम 0.5 से 1 फीसदी नीचे है। ब्रेंट में 61 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। 





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