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muzaffarpur news fire in bread factory of short circuit 10 labours critical in hospital | मुजफ्फरपुर में चिप्स फैक्ट्री में आग; मृतकों की संख्या 5 हुई, 2 मजदूर अब भी लापता, 4 झुलसे

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  • शवों के पूरी तरह जलने से नहीं हो पाई शिनाख्त, हादसे में जान गंवाने वालों में से एक की मार्च में होना थी शादी
  • मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा, आग लगने का कारण और नुकसान का आकलन स्पष्ट नहीं

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2019, 05:16 AM IST

बोचहां (मुजफ्फरपुर). बाजितपुर (चकनूरन) गांव स्थित तिरहुत फूड फैक्ट्री में सोमवार की सुबह करीब 4 बजे लगी आग में 5 मजदूर जिंदा जल गए। 4 गंभीर रूप से झुलस गए। 2 मजदूर लापता हैं। शव के पूरी तरह से जल जाने के कारण मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। फैक्ट्री पूरी तरह जलकर राख हो चुकी है। आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं मिल सकी है।

 

झुलसे मजदूरों में बैजू बैठा, अभिषेक पासवान, सुशील पासवान व लालगंज वैशाली के पप्पू राम शामिल हैं। लापता मजदूरों में शिवहर के सुगिया निवासी अजय कुमार, शिवहर के पिपराढ़ी-बैरिया निवासी विनोद राम, मोतिहारी के औखाना निवासी प्रदीप कुमार, सीतामढ़ी के खैरवां निवासी चंदन पासवान, अमित कुमार, शिवहर के नारायणपुर निवासी राजेश पासवान, मुशहरी के जलालपुर निवासी सूरज कुमार शामिल हैं। लापता मजदूरों के ही जिंदा जलने की आशंका है। डीएम मोहम्मद सोहैल ने 5 मजदूरों के शव जले अवशेष बाहर निकालने की पुष्टि की है।

   
मिनटों में फैल गई फैक्ट्री में आग

सीतामढ़ी के खैरवा निवासी शुभ नारायण पासवास ने बताया, सोमवार सुबह साढ़े तीन बजे आग की लपटें पूरी फैक्ट्री में फैल गई। हमलोग 11 मजदूर एक ही जगह पर सोए हुए थे। पहले गेट की ओर भागे लेकिन उधर आग पूरी तरह फैल चुकी थी। निकलने का कोई रास्ता नहीं था। किसी तरह सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ गए। दूसरी ओर उतरने का कोई उपाय नहीं था। तब आग से बचने के लिए छत से खेत में नीचे कूद गए। इसमें दो लोग मजदूरों का पांव फ्रैक्चर हो गया। गांव के अमित और चंदन अंदर जिंदा जल गए। कृष्णनंदन पासवान अपने बड़े भाई चंदन को खोजने के लिए आग की लपट में घिर गया था। वह भी जल जाता, किसी तरह उसे खींचकर छत पर लाया। हम लोग दो वर्ष से इस फैक्ट्री में काम करते थे।

 

चंदन की 19 मार्च को थी शादी

आग में जिंदा जले सीतामढ़ी के खैरवां निवासी चंदन पासवान की इस साल 19 मार्च को शादी होनी थी। वह रविवार को घर जाने वाला था। शिवहर के बैरिया निवासी ठेकेदार सुबोध बैठा के जरिए फैक्ट्री में काम लगा था। ठेकेदार से  शनिवार को शिवहर और सीतामढ़ी के मजदूरों का हिसाब हो गया था, लेकिन मजदूरों को रुपए देने के बजाय खुद सुबोध घर चला गया। इससे रविवार को शिवहर और सीतामढ़ी के 15 मजदूर गांव नहीं जा सके।

 

गैस सिलेंडर के 4 विस्फोट से दहला इलाका

आग की लपटों के बीच फैक्ट्री में रखे रसोई गैस के 4 सिलेंडर एक के बाद एक विस्फोट हुए। सुबह चार बजे एक-एक कर चार विस्फोट की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। जिला पार्षद मोहम्मद असलम अंसारी ने बताया कि दो किमी दूर तक आवाज सुनी गई। फैक्ट्री के बगल की निवासी सुशीला देवी ने बताया विस्फोट की गूंज इतनी भयावह थी कि लग रहा था कि पूरा इलाका धधक जाएगा। विस्फोट के समय ही फैक्ट्री से सटे चकरूरल गांव के सीताराम मिश्र को दिल का दौरा पड़ गया। लोग उसे अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई है।

 

आग का कारण जानने को टीम ने की जांच 

फैक्ट्री में आग बिजली के शॉट सर्किट से लगी या कोई अन्य कारण था। यह पता लगाने के लिए शाम में डीएम ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। मजूदरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में गेट की ओर से आग लगी थी। जो धीरे-धीरे अंदर फैल गई। गेट में ताला बंद था और आग फैलने पर गेटमैन भाग निकला।

 

दमकल का पानी खत्म हुआ तो पंपसेट सहारा

सुबह पांच बजे जब दमकल गाड़ी पहुंची तो आग इतनी भयावह थी की कुछ ही देर में चार दमकल की गाड़ियों का पानी खत्म हो गया। फिर भी आग धधकता रहा। पानी लाने के लिए दमकल गाड़ी शहर जाएगी, घंटों समय लगेगा। तब ग्रामीणों ने पंपसेट चालू करके दमकल में पानी भरने की व्यवस्था की। इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।

 

10 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग

सुबह आग के विकराल रूप धारण करने पर मची चीख-पुकार सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। अंदर फंसे झुलसे चार मजदूर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। इन लोगों ने शोर मचाया कि बहुत लोग अंदर फंसे हैं। एनएचएआई की पारा मेडिकल टीम झुलसे लोगों को एसकेएमसीएच ले गई। दमकल की चार गाड़ियां सुबह पांच बजे से दोपहर तीन बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू कर पाई।

 

शाम 3 बजे बाद मलबे से निकाले गए शव 

शाम तीन बजे में जब आग पर काबू पा लिया गया तब फैक्ट्री के अंदर जिंदा जले मजदूरों के शवों की तलाश शुरू हुई। मलबे में दबे मजूदरों के एक-एक कर पांच जले हुए शव का अवशेष निकाला गया। मलबा अधिक होने से फैक्ट्री में आग से निपटने के जेसीबी मशीन से पीछे का दीवार भी तोड़ा गया।

 

गेट के सामने बेटे की मौत पर रोते रहे माता-पिता

मुशहरी के जलालपुर गांव के विष्णु सिंह का पुत्र सूरज कुमार 10 दिन पूर्व फैक्ट्री में काम पर लगा था। मां दो वर्षों से काम करती थी, रविवार को छुट्टी के कारण वह नहीं आई थी। सूरज के जिंदा जलने की सूचना पर माता-पिता फैक्ट्री के गेट के सामने विलाप करते रहे।

 

आग लगी या किसी ने लगाई, इसे लेकर चर्चा

फैक्ट्री में आग लगने के कारण की मौजूद भीड़ में कई तरह की चर्चाएं होती रही। फैक्ट्री का कोई कोना नहीं बचा था, जहां आग नहीं लगी हो। बाथरूम में रखे सामान भी जल गए। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे एक-एक कोने में ज्वलनशील पदार्थ रखी थी, जिससे आग लगी। लोग अपना-अपना अंदाज लगाते रहे। एफएसएल टीम भी हर कोने में समान रूप से आग लगे होने पर हैरत जताते रहे।

 

रात तक कई थानों की पुलिस करती रही कैंप

सात मजूदरों के जलने को लेकर स्थानीय लोग बवाल भी कर सकते हैं। इस आशंका पर डीएम व एसएसपी ने कई थाने की पुलिस को बुला लिया। सिटी एसपी राकेश कुमार, नगर डीएसपी मुकुल रंजन, अहियापुर थानेदार मनोज कुमार, नगर थानेदार धनंजय कुमार, मिठनपुरा थानेदार विजय राय, मीनापुर अंचल इंस्पेक्टर विजय कुमार आदि थे।

 

घटनास्थल से लापता सात मजदूरों में पांच के शव बाहर निकाले गए हैं। मृतक के परिजनों को प्राकृतिक आपदा मद से चार-चार लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को प्रावधान के अनुसार राशि मिलेगी। लापता लोगों की तलाश चल रही है। फैक्ट्री की वैधता को लेकर भी उद्योग विभाग से जानकारी ली गई है। -मोहम्मद सोहैल, डीएम



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