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Mukesh Ambani Buys 26 Ecommerce Companies To Take On Amazon – अमेजन से टक्कर लेने को मुकेश अंबानी ने खरीदी 26 कंपनियां


उद्योगपति मुकेश अंबानी
– फोटो : amar ujala

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सस्ती कॉल दर और डाटा के जरिये घरेलू टेलीकॉम क्षेत्र पर कब्जा जमाने वाले मुकेश अंबानी की निगाहें अब ई-कॉमर्स क्षेत्र पर टिकी हैं। उन्होंने देश में सबसे ज्यादा ग्राहक संख्या वाली अमेजन को टक्कर देने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। मुकेश अंबानी ने पिछले दो वर्षों में छोटी-छोटी करीब 26 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद अपनी रणनीति पर अमल करना शुरू कर दिया है।

दरअसल, मुकेश अंबानी ने यह दांव अमेजन के मालिक जेफ बेजोस के तर्ज पर ही चला है। बेजोस ने भी अपने कारोबार विस्तार के लिए पिछले दो दशक में 75 से ज्यादा छोटी-छोटी कंपनियां खरीदी या उनमें निवेश किया और दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बनाई।

अंबानी भी दो वर्षों में 17.41 हजार करोड़ का निवेश इस क्षेत्र में कर चुके हैं। ब्लूमबर्ग इंटेलीजेंस के विश्लेषक कुणाल अग्रवाल का कहना है कि ये डील देखने में भले ही छोटी रही हों, लेकिन एकसाथ मिलकर इनसे काफी प्रतिभाशाली टीम बनाई जा सकती है, जो किसी उत्पाद को बड़ा प्लेटफॉर्म दे सकते हैं। रेटिंग एजेंसी मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, वर्ष 2028 तक भारत का ई-कॉमर्स बाजार करीब सात गुना बढ़कर 14 लाख करोड़ का हो जाएगा।

तकनीक से दिलाएंगे अलग अनुभव

अंबानी की रणनीति ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं को शॉपिंग का अलग अनुभव दिलाने की है। जियो के जरिये उपभोक्ताओं तक ऑनलाइन पहुंच बना चुके मुकेश अंबानी अब ई-कॉमर्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए उनकी कंपनी ने 7 अरब रुपये से हैप्टिक इंफोटेक में हिस्सेदारी खरीदी है। यह कंपनी कस्टमर सपोर्ट चैट सर्विस उपलब्ध कराती है। इसी तरह, रेडीज कॉर्प ई-कॉमर्स बिजनेस को इंटरनेट ऑफ थिंग्स का सपोर्ट देगी, जबकि वक्त होल्डिंग्स डिजिटल तंत्र मुहैया कराएगी।

सस्ती कॉल दर और डाटा के जरिये घरेलू टेलीकॉम क्षेत्र पर कब्जा जमाने वाले मुकेश अंबानी की निगाहें अब ई-कॉमर्स क्षेत्र पर टिकी हैं। उन्होंने देश में सबसे ज्यादा ग्राहक संख्या वाली अमेजन को टक्कर देने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। मुकेश अंबानी ने पिछले दो वर्षों में छोटी-छोटी करीब 26 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद अपनी रणनीति पर अमल करना शुरू कर दिया है।

दरअसल, मुकेश अंबानी ने यह दांव अमेजन के मालिक जेफ बेजोस के तर्ज पर ही चला है। बेजोस ने भी अपने कारोबार विस्तार के लिए पिछले दो दशक में 75 से ज्यादा छोटी-छोटी कंपनियां खरीदी या उनमें निवेश किया और दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बनाई।

अंबानी भी दो वर्षों में 17.41 हजार करोड़ का निवेश इस क्षेत्र में कर चुके हैं। ब्लूमबर्ग इंटेलीजेंस के विश्लेषक कुणाल अग्रवाल का कहना है कि ये डील देखने में भले ही छोटी रही हों, लेकिन एकसाथ मिलकर इनसे काफी प्रतिभाशाली टीम बनाई जा सकती है, जो किसी उत्पाद को बड़ा प्लेटफॉर्म दे सकते हैं। रेटिंग एजेंसी मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, वर्ष 2028 तक भारत का ई-कॉमर्स बाजार करीब सात गुना बढ़कर 14 लाख करोड़ का हो जाएगा।

तकनीक से दिलाएंगे अलग अनुभव

अंबानी की रणनीति ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं को शॉपिंग का अलग अनुभव दिलाने की है। जियो के जरिये उपभोक्ताओं तक ऑनलाइन पहुंच बना चुके मुकेश अंबानी अब ई-कॉमर्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए उनकी कंपनी ने 7 अरब रुपये से हैप्टिक इंफोटेक में हिस्सेदारी खरीदी है। यह कंपनी कस्टमर सपोर्ट चैट सर्विस उपलब्ध कराती है। इसी तरह, रेडीज कॉर्प ई-कॉमर्स बिजनेस को इंटरनेट ऑफ थिंग्स का सपोर्ट देगी, जबकि वक्त होल्डिंग्स डिजिटल तंत्र मुहैया कराएगी।





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