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More than 225 terrorists killed in J&K so far this year: Army | घाटी में इस साल 225 आतंकी ढेर, स्थानीय लोग सुरक्षाबलों का सहयोग कर रहे: सेना


  • सेना ने कहा- सरकार और हमारे प्रयासों के चलते आतंकी संगठन में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या घटी
  • सुरक्षाबलों का उद्देश्य साफ- आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई और उनका खात्मा
  • 2017 में सेना ने 213 जबकि 2016 में 150 आतंकी किए थे ढेर

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 05:49 PM IST

कपूरथला. सुरक्षाबलों ने इस साल अब तक 225 आतंकी मारे हैं। सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि घाटी के स्थानीय लोग सेना की मदद कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जवान बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराने में कामयाब हुए हैं।

घुसपैठ कराने की कोशिश में पाक

  1. कपूरथला में सैनिक स्कूल में दौरे पर पहुंचे रणबीर सिंह ने बताया कि सरकार और सुरक्षाबलों द्वारा उठाए जा रहे अहम कदमों के चलते आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या में भी काफी कमी आई है।

  2. उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग जवानों को आतंकियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। यह सकारात्मक कदम है। इसी कदम में चलते घाटी में आतंकियों की संख्या में कमी हो रही है। यह पाकिस्तान की हताशा दिखाता है कि वह कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को घुसपैठ कराना चाहता है। लेकिन हमारा उद्देश्य एकदम साफ है कि इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें मार गिराया जाए।

  3. सिंह ने कहा- हम भरोसा दिलाने चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। सेना स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथ में शामिल नहीं होने देगी। पिछले कुछ महीनों से स्थानीय युवाओं के आतंकी बनने की संख्या में भी कमी हुई है। यहां कट्टरता में भी काफी कमी हुई है, यही वजह है कि घाटी में स्थिति काबू में है।


  4. कश्मीर में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा पाक

    पाकिस्तान के बारे में बात करते हुए रणबीर सिंह ने कहा, पड़ोसी देश कश्मीर में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा है। सेना घाटी में आतंक को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।


  5. पिछले साल 213 आतंकी मारे गए थे 

    सरकार ने पिछले सत्र में संसद में बताया था कि 2017 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 213 आतंकी मारे गए थे। आतंक के खिलाफ लड़ाई में राज्य पुलिस और सेना के 80 जवान शहीद भी हुए। जबकि, इस दौरान 40 आम नागरिक मारे गए। वहीं, 2016 में कुल 150 आतंकी ढेर हुए थे।





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