Modi Ministry 2019: Narendra Modi Cabinet Ministers Assets, Property and Average Age | एनडीए-2 में मंत्रियों की औसत उम्र 59 साल, यूपीए-2 की तुलना में 6 साल कम; हरसिमरत सबसे अमीर

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  • पिछली मोदी सरकार में मंत्रियों की औसत उम्र 60 साल थी, यूपीए-2 सरकार में मंत्रियों की औसत उम्र 65 साल थी
  • नई सरकार में 5 पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर चौंका देने वाला नाम

नई दिल्ली. मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल की औसत उम्र 59 साल है। यह यूपीए-2 की तुलना में 6 साल कम है। नई सरकार में सबसे युवा मंत्री स्मृति ईरानी हैं। इनकी उम्र 43 साल है। वहीं, सबसे उम्रदराज मंत्री रामविलास पासवान हैं जो 72 साल के हैं। पासवान को छोड़कर सभी मंत्री आजादी के बाद जन्मे हैं। नई सरकार में 9 मंत्री ऐसे भी हैं जो पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर आए हैं। मोदी की नई टीम में सबसे चौंकाने वाला नाम पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर का है।

 

सबसे अमीर मंत्री हरसिमरत कौर, इनके पास 217 करोड़ की संपत्ति

मोदी कैबिनेट के 58 में से 57 मंत्रियों (एस जयशंकर की संपत्ति ज्ञात नहीं) की कुल संपत्ति 827 करोड़ रुपए है। यानी औसतन एक मंत्री के पास 14.5 करोड़ की संपत्ति है। इन 57 मंत्रियों में से 51 यानी 90% करोड़पति हैं। बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल सबसे अमीर मंत्री हैं। उनके पास 217 करोड़ रुपए की संपत्ति है। सबसे कम संपत्ति ओडिशा के बालासोर से पहली बार जीतकर आए प्रतापचंद्र सारंगी की है। उनके पास 13 लाख रुपए की संपत्ति है।

 









कुल संपत्ति (करोड़ रुपए में)

एनडीए-2

100 से ज्यादा

1

76-100

1

51-75

0

26-50

5

11-25

11

01-10

33

1 से कम

6

 

नई सरकार में 6 महिला मंत्री, पिछली बार से तीन कम

पिछली एनडीए सरकार में 9 महिला मंत्री थीं। इस बार 6 महिलाओं को मंत्री बनाया गया। सुषमा स्वराज और उमा भारती को इस बार मंत्री नहीं बनाया गया, जबकि कृष्णा राज को टिकट नहीं दिया गया था। इस बार पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से जीतकर आईं देबश्री चौधरी और छत्तीसगढ़ की सरगुजा सीट पर चुनी गईं रेणुका सिंह सरुता को मंत्री बनाया गया है। इन दोनों ने ही पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता। 

 

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लोकसभा और राज्यसभा से मंत्रियों का अनुपात 1:4

कैबिनेट में 45 मंत्री लोकसभा और 11 मंत्री राज्यसभा से हैं। 2 मंत्री ऐसे हैं जो फिलहाल न लोकसभा के सदस्य हैं और न ही राज्यसभा सदस्य। इनमें पहला नाम रामविलास पासवान हैं और दूसरा नाम पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर का है। लोकसभा और राज्यसभा से मंत्रियों का अनुपात लगभग 1:4 है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल और यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी संसद के दोनों सदनों से मंत्रियों का अनुपात नई मोदी कैबिनेट के बराबर ही था। एनडीए-1 की 71 मंत्रियों की अंतिम कैबिनेट में लोकसभा से 56 और राज्यसभा से 15 मंत्री थे। वहीं यूपीए-2 में लोकसभा से 57 मंत्री और राज्यसभा से 14 मंत्री थे।

 

कैबिनेट में 5 पूर्व मुख्यमंत्री, पिछली बार चार थे

एनडीए-2 की कैबिनेट में इस बार 5 पूर्व मुख्यमंत्रियों को जगह मिली है, जबकि पिछली बार चार पूर्व मुख्यमंत्री थे। नई सरकार में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को शामिल किया गया है।

 

नई कैबिनेट में 5 पूर्व प्रशासनिक अधिकारी

नई कैबिनेट में 9 मंत्री उद्योगपति या बिजनसमैन हैं। 7 मंत्री पेशे से वकील और 5 मंत्री प्रशासनिक सेवा में रह चुके हैं। इनमें दो विदेश सेवा से रिटायर्ड अफसर और तीन आईएएस अफसर शामिल हैं। 3 मंत्री कला जगत से हैं। इनमें लेखक और कवि रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, टीवी एक्ट्रेस स्मृति ईरानी और गायक बाबुल सुप्रियो शामिल हैं। कैबिनेट में दो डॉक्टर भी हैं। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सीट से डॉ. जितेन्द्र सिंह और दिल्ली के चादनी चौक सीट से जीते डॉ. हर्षवर्धन सिंह को मंत्री बनाया गया है। कैबिनेट में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट पीयूष गोयल, पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह भी हैं। ज्यादातर मंत्रियों का पेशा राजनीति, कृषि या समाजसेवा है। कुल मिलाकर मोदी की नई कैबिनेट में 5 डॉक्टरेट, 16 पोस्ट ग्रेजुएट और 28 ग्रेजुएट मंत्री हैं। 6 मंत्री 12वीं पास और 2 मंत्री 10वीं पास हैं।



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