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May withdraw the case against SC ST during India shutdown, otherwise withdraw support: Mayawati | मप्र-राजस्थान में भारत बंद के दौरान दर्ज केस वापस नहीं लिए तो समर्थन पर विचार करेंगे: मायावती

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  • एससी-एसटी कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अप्रैल में दलितों ने भारत बंद बुलाया था
  • इस दौरान 12 राज्यों में हिंसा हुई, सबसे ज्यादा असर मप्र, राजस्थान, उप्र और बिहार में था, 14 लोगों की मौत भी हुई
  • हिंसा के बाद एससी-एसटी समुदाय के लोगों पर दर्ज किए गए थे केस 

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2018, 07:31 PM IST

नई दिल्ली.  बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार से 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान एससी-एसटी समुदाय को लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। मुकदमे वापस नहीं होने पर बसपा ने मप्र और राजस्थान में कांग्रेस सरकारों से समर्थन पर दोबारा विचार करने की चेतावनी भी दी।

 

मायावती ने कहा कि कांग्रेस अब सत्ता में है और राजनीतिक रंजिश के चलते आंदोलन के दौरान जो केस लगाए गए थे, उन्हें वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो हम समर्थन पर दोबारा विचार करेंगे। 

 

मप्र-राजस्थान में बसपा ने कांग्रेस को दिया समर्थन

मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं। यहां कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की। बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए। ऐसे में कांग्रेस ने 3 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा के विधायक के समर्थन से सरकार बनाई है। वहीं, राजस्थान में कांग्रेस ने 99 सीटेंं जीतीं। यहां बहुमत के लिए 100 सीटों की जरूरत थी। कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन किया। बसपा के यहां 6 विधायक हैं।

 

2 अप्रैल को 12 राज्यों में हुई थी हिंसा

दरअसल, मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी कानून में कुछ बदलाव किया था। इसके विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। इस दौरान मप्र, राजस्थान, उप्र और बिहार समेत 12 राज्यों में हिंसा फैली थी। इस दौरान 14 लोगों की मौत भी हुई थी। हिंसा के बाद प्रशासन ने दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए थे।



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