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Madras HC grants Nalini Chidambaram interim protection from arrest | मद्रास हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की पत्नी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई

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  • सीबीआई ने कोलकाता की अदालत में नलिनी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, आपराधिक साजिश का आरोप लगाया
  • सीबीआई तब तक नलिनी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, जब तक वे अग्रिम जमानत हासिल करती रहती हैं- हाईकोर्ट
  • नलिनी ने कहा- केंद्र ने राजनीतिक दुश्मनी के चलते एजेंसियों का इस्तेमाल मेरे और परिवार के खिलाफ किया

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 06:55 PM IST

चेन्नई. शारदा चिटफंड मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबर को शनिवार को राहत दी है। हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा नलिनी की गिरफ्तारी पर तब तक रोक लगा दी, जब तक वे पश्चिम बंगाल की अदालत से अग्रिम जमानत हासिल करती रहती हैं। सीबीआई ने कोलकाता की अदालत में नलिनी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इसमें सीबीआई ने आरोप लगाया कि नलिनी ने शारदा ग्रुप ऑफ कंपनी के मालिक सुदीप्तो सेन के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची।

नलिनी ने कहा- मुझे वैध तरीके से पैसे दिए गए

  1. मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश जीके इलंथीरैयन ने 4 हफ्ते की अंतरिम जमानत देते हुए नलिनी से कहा कि वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने समर्पण करें। इसके बाद वह नियमित अग्रिम जमानत के लिए पश्चिम बंगाल की अदालत से संपर्क करें। 

  2. नलिनी की अपील पर विशेष सरकारी वकील जी हेमा ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि अदालत के अधिकार क्षेत्र में यह मामला नहीं है, ऐसे में वह नलिनी की याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकती।

  3. अपनी याचिका में नलिनी ने कहा- सीबीआई ने मुझ पर आरोप लगाया कि मैंने 1.4 करोड़ रुपए शारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज से लिए, यह कंपनी चिटफंड घोटाले में शामिल थी। लेकिन, मुझे वैध तरीके से शारदा रिएलिटी लिमिटेड ने मनोरंजना सिंह की तरफ से पैसे दिए थे। 

  4. उन्होंने कहा- इससे पहले सीबीआई की चार्जशीट में मेरा सुदीप्तो सेन के साथ नहीं लिखा गया था। पहले की चार्जशीटों से अलग 11 जनवरी की चार्जशीट में मेरे इस घोटाले में शामिल होने की बात कही गई। पहले दायर की गई चार्जशीट में सीबीआई के स्टैंड में बदलाव नहीं किया जा सकता, क्योंकि बाद की चार्जशीट में एजेंसी ने वैध फीस को घूस की रकम बताया है।

  5. उन्होंने याचिका में कहा- यह स्थापित कानून है कि एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से चार्जशीट दाखिल किए जाने तक अगर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो वह व्यक्ति हिरासत में पूछताछ का विषय नहीं रह जाता है। ऐसे मामलों में समन मिलने के बाद वह व्यक्ति कोर्ट में उपस्थित हो सकता है।

  6. नलिनी ने आरोप लगाया- सरकार केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। वह राजनीतिक बदले की भावना के चलते मेरे परिवार के खिलाफ झूठे केस दर्ज करवा रही है। 


  7. एजेंसियों की जांच मैनेज करने के लिए दी गई घूस- सीबीआई

    सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नलिनी ने सुदीप्तो सेन के साथ आपराधिक साजिश रची। उनका मकसद शारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज के फंड के गलत इस्तेमाल और धांधली का था। मनोरंजना सिंह जो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की पत्नी हैं और उसने अलग रह रही हैं, उन्होंने ही नलिनी को सुदीप्तो सेन से मिलवाया था। इस मुलाकात का मकसद यह था कि नलिनी विभिन्न एजेंसियों द्वारा चल रही जांच को “मैनेज’ करें और इसीलिए उन्हें 1.4 करोड़ रुपए सुदीप्तो की कंपनियों के जरिए दिए गए थे।







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