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Lok Sabha Chunav 2019 LIVE Updates: Rahul Gandhi Releases Congress Manifesto for Lok Sabha Polls: Latest news & Updates in Hindi: Dainik Bhaskar | राहुल गांधी ने घोषणापत्र जारी करते हुए दिखाया हाथ का पंजा, फिर बताया पांच उंगलियों का क्या है मतलब


नेशनल डेस्क, दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र (Congress Manifesto 2019) जारी कर दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को जन आवाज नाम दिया है। घाेषणापत्र को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने जारी किया। इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। हमारे घोषणापत्र में रोजगार देने का वादा प्राथमिक है। सरकार बनने के बाद मार्च 2020 तक 22 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।

कांग्रेस ने घोषणापत्र को ‘जन आवाज’ नाम दिया। घोषणापत्र के कवर पेज पर लिखा था ‘हम निभाएंगे’। राहुल गांधी ने घोषणा पत्र की ये 10 बड़ी बातें बताईं…


1- गरीबों को हर साल 72 हजार रु. मिलेंगे।


2- शिक्षा पर जीडीपी का 6 फीसदी खर्च किया जाएगा।


3- सरकारी अस्पतालों को मजबूत करेंगे।


4- 3 साल के लिए युवाओं को बिजनेस खोलने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।


5- किसानों के लिए अलग बजट बनाया जाएगा।


6- 21 मार्च 2020 तक 22 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।


7- ग्राम पंचायत में 10 लाख नौकरियां दी जाएंगी।


8- मनरेगा में रोजगार गारंटी 100 की जगह 150 दिन रोजगार की गारंटी।


9- किसान कर्ज चुका न पाए तो आपराधिक मामला दर्ज नहीं होगा।


10- यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम समेत टॉप संस्थानों तक गरीबों की पहुंच को आसान करने का वादा।

कांग्रेस ने देश से किए 5 वादे

1. न्याय

– पहली थीम न्याय की है। पीएम ने कहा कि 15 लाख रुपए अकाउंट में डालेंगे। वो झूठ था। हमने उनकी बात पकड़ी और मैनिफेस्टो कमेटी से पूछा कि हिंदुस्तान की जनता के अकाउंट में कांग्रेस कितना पैसा डाल सकती है। उन्होंने मुझे 72 हजार का नंबर दिया। गरीबी पर वार 72 हजार। एक साल में 72 हजार कांग्रेस पार्टी गरीबों के अकाउंट में सीधा डालेगी। एक साल में 72 हजार और पांच साल में 3 लाख 60 हजार। मोदीजी ने नोटबंदी और जीएसटी से जो अर्थव्यवस्था जाम की है, उसे हम वापस पटरी पर लाएंगे।

2. रोजगार

दूसरा- चिदंबरम जी ने कहा कि दो बड़े मुद्दे हैं रोजगार और किसान। 22 लाख सरकारी नौकरियां खाली पड़ी हैं। उन्हें कांग्रेस पार्टी मार्च 2020 तक भर देगी। 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायत में कांग्रेस नौकरी देगी। मेक इन इंडिया की दुनिया में आप बिजनेस खोलना चाहते हैं। तीन साल के लिए युवाओं को बिजनेस के लिए कोई परमिशन नहीं लेनी होगी। आप लोगों को रोजगार देंगे। कांग्रेस इसके लिए दरवाजे खोलेगी।

3. किसान

हम मनरेगा में रोजगार के 150 दिन पक्के करना चाहते हैं। हमारे हिसाब से किसानों का एक अलग बजट होना चाहिए। किसानों को मालूम होना चाहिए कि उनके लिए कितना बजट दिया जाएगा और उन्हें कितना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा।

नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग जनता का पैसा लेकर भाग जाते हैं। किसान अगर बैंकों का पैसा नहीं दे पाते तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। हमने फैसला किया है कि अगर किसान पैसा न लौटा पाए तो वो क्रिमिनल ऑफेंस नहीं सिविल ऑफेंस हो।

4. शिक्षा

शिक्षा के क्षेत्र में हमने निर्णय लिया है कि जीडीपी का 6% पैसा देश की शिक्षा में दिया जाए। आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों को हम सबकी पहुंच में बनाना चाहते हैं। मोदी सरकार ने उसे हमेशा कम किया है।

5. हेल्थ सेक्टर

हेल्थ सेक्टर में मोदी सरकार एक योजना लाई है। इंश्योरेंस का पैसा प्राइवेट अस्पतालों की जेब में डाले जाएं। हम सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत करने का काम करेंगे। हम तय करेंगे कि गरीबों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं मिलें।

– चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों में राहुल गांधी के किए गए बड़े वादे

1- न्यूनतम आय योजना लागू करना

2- स्वास्थ्य का अधिकार

3- किसानों की कर्ज माफी करना

4- न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना

5- जीएसटी को खत्म करने का वादा

6- नीति आयोग को खत्म करना

2014 में कांग्रेस का घोषणापत्र : 2014 में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में दवा और पेंशन का हक देने का वादा किया था। इसके साथ ही कहा था कि अगर सरकार बनी तो 20 साल तक कब्जे वाली जमीनों पर मालिकाना हक दिया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को कानूनी अधिकार के दायरे में लाना घोषणा पत्र के मुख्य बिंदु था।

– कांग्रेस ने वादा किया था कि बीपीएल से ऊपर मौजूद 80 करोड़ आबादी को अगले पांच सालों में मिडल क्लास में लाने की कोशिश करेगी।

– कांग्रेस का लक्ष्य सरकार में आने के 100 दिन के भीतर जीडीपी को 8 फीसदी पर लाने का था।

– मॉइनॉरिटी के हितों की सुरक्षा के लिए सांप्रदायिक हिंसा बिल को प्राथिमकता के आधार पर पास कराना।

– शहरों में झुग्गियों की जगह 2017 तक पक्के मकान।

– 10 लाख की आबादी वाले शहरों में हाई स्पीड ट्रेन।





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