Jet Airways Unions Write Letter To President Ramnath Kovind For Release Of Salary Dues – जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार, बकाया वेतन दिलाने में करें मदद

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जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने उनके वेतन और अन्य बकायों के भुगतान एवं एयरलाइन को फौरी मदद उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गुहार लगाई है। इस पत्र को दो कर्मचारी यूनियन ने लिखा है। पत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास भी भेजा गया है। 

22 हजार कर्मचारियों के सामने संकट

जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों के सामने घर चलाने को लेकर के संकट पैदा हो गया है। इन कर्मचारियों को दिसंबर से लेकर के अभी तक सैलरी नहीं मिली है। एयरलाइन कब तक फिर से शुरू होगी, इसका भी इन कर्मचारियों को नहीं पता है। 

नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हुई है। एयरलाइन ने परिचालन के लिए पर्याप्त धन नहीं होने की वजह से अपने सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।

इन यूनियनों ने लिखा पत्र

सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पॉयलट्स (एसडब्ल्यूआईपी) और जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने दो अलग-अलग पत्र लिखकर अपने बकाया वेतन के भुगतान में मदद का अनुरोध किया है।

राष्ट्रपति को संबोधित इस पत्र में लिखा है कि ‘हम आपसे इस मुद्दे पर तत्काल विचार करने और जेट एयरवेज प्रबंधन को प्रभावित कर्मचारियों के बकाया वेतन का तत्काल भुगतान करने का निर्देश देने का आपसे आग्रह करते हैं।’ 

हर निर्णय है महत्वपूर्ण

कर्मचारियों ने लिखा है कि ‘एयरलाइन को तत्काल धन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आपसे आग्रह करते हुए हम कहना चाहते हैं कि इस चुनौतीपूर्ण समय में हर मिनट और हर निर्णय बहुत महत्वपूर्ण है।’ 

17 अप्रैल से बंद किया परिचालन

कई महीनों की अनिश्चितता के बाद जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अपना परिचालन अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया। विमानन कंपनी को रिणदाताओं से आपात रिण सहायता नहीं मिलने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा।

दोबारा शुरू होने के लिए जून तक इंतजार

जेट एयरवेज की उड़ानों को दोबारा पंख मिलने के लिए नई सरकार का इंतजार करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव पूरा होने के बाद ही कंपनी के विमान उड़ने की उम्मीद है। तब तक नागर विमानन मंत्रालय, बैंक और मामले से जुड़े अन्य संस्थान अपना होमवर्क ही निबटाएंगे।

जेट एयरवेज के पूर्व सीनियर कमांडर और बाद में प्रबंधन की भूमिका में आए एक कैप्टन ने अमर उजाला को बताया कि जब तक सरकारी बैंकों के कंसोर्शियम या किसी निवेशक से बड़ी रकम नहीं आएगी, विमान उड़ नहीं पाएंगे। जेट एयरवेज से जिन भी बैंकों का संबंध है, वे सरकारी हैं। ऐसे में अब जो भी होगा, चुनाव बाद ही होगा।

बैंकों को गर्दन फंसने का डर

एसबीआई के अवकाश प्राप्त वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जेट एयरवेज को आपात फंड का फैसला एमडी एवं सीईओ या फिर बैंक का निदेशक मंडल करेगा। ऐसे में अगर कुछ वर्ष बाद यह कदम गलत साबित होता है तो उनकी गर्दन फंसना तय है। इतना नहीं उन्हें सीबीआई व अन्य एजेंसियों का सामना करना पड़ सकता है। लिहाजा अभी वेट एंड वॉच की रणनीति ही अपनाएंगे और नई सरकार बनने के बाद मिल-बैठकर फैसला करेंगे।

लिखित में नहीं दे रही सरकार 

मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि कई बार अनौपचारिक या मौखिक रूप से सरकार ने बैंकों को जेट एयरवेज की मदद करने को कहा है, लेकिन लिखित तौर पर कुछ नहीं दिया। यही कारण है कि एसबीआई सहित अन्य बैंक अभी फंडिंग करने से परहेज कर रहे हैं। हालांकि, सरकार के संकेत पर नरेश गोयल ने चेयरमैन पद छोड़ दिया था। फिलहाल निवेश की तलाश जारी रखना ही बैंकों के पास एकमात्र विकल्प है।

जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने उनके वेतन और अन्य बकायों के भुगतान एवं एयरलाइन को फौरी मदद उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गुहार लगाई है। इस पत्र को दो कर्मचारी यूनियन ने लिखा है। पत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास भी भेजा गया है। 

22 हजार कर्मचारियों के सामने संकट

जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों के सामने घर चलाने को लेकर के संकट पैदा हो गया है। इन कर्मचारियों को दिसंबर से लेकर के अभी तक सैलरी नहीं मिली है। एयरलाइन कब तक फिर से शुरू होगी, इसका भी इन कर्मचारियों को नहीं पता है। 

नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हुई है। एयरलाइन ने परिचालन के लिए पर्याप्त धन नहीं होने की वजह से अपने सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।

इन यूनियनों ने लिखा पत्र

सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पॉयलट्स (एसडब्ल्यूआईपी) और जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने दो अलग-अलग पत्र लिखकर अपने बकाया वेतन के भुगतान में मदद का अनुरोध किया है।

राष्ट्रपति को संबोधित इस पत्र में लिखा है कि ‘हम आपसे इस मुद्दे पर तत्काल विचार करने और जेट एयरवेज प्रबंधन को प्रभावित कर्मचारियों के बकाया वेतन का तत्काल भुगतान करने का निर्देश देने का आपसे आग्रह करते हैं।’ 





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