Imf Predicts India Gdp To 7.5 Percent In 2020, China Will Remain Behind – 2020 में 7.5 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर, चीन को एक बार फिर मिलेगी मातः आईएमएफ

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भारत विकास दर के मामले में लगातार दूसरी बार चीन को मात दे सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया है कि भारत की विकास दर चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसदी रहेगी। वहीं 2020 में इसके 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। 

चीन से काफी आगे

आईएमएफ ने कहा कि 2019 में चीन की विकास दर 6.3 फीसदी व 2020 में 6.1 फीसदी रहने की संभावना है। 2018 में चीन की विकास दर 6.6 फीसदी रही थी। वहीं भारत की विकास दर 7.1 फीसदी थी। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में निवेश काफी बढ़ रहा है, जिसके चलते खपत काफी ज्यादा होने की उम्मीद है। 

विश्व बैंक ने लगाया है यह अनुमान

विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक ने कहा कि निवेश खासकर निजी निवेश में मजबूती आने, मांग बेहतर होने तथा निर्यात में सुधार इसकी मुख्य वजह है। यह बात विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट में कही है।

विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया पर रविवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 फीसदी रही। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की बैठक से पहले यह रिपोर्ट जारी की गयी।

बढ़ गई औद्योगिक विकास दर

रिपोर्ट के अनुसार पहली तीन तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि वृद्धि व्यापक रही है। औद्योगिक वृद्धि बढ़कर 7.9 फीसदी पर आ गयी। सेवा क्षेत्र में जो कमी आयी, इसने उसकी भरपाई कर दी। वहीं कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चार फीसदी पर मजबूत रही।

रिपोर्ट के अनुसार मांग के संदर्भ में घरेलू खपत वृद्धि के लिये मुख्य कारक बनी हुई है लेकिन स्थिर पूंजी निर्माण तथा निर्यात दोनों ने बढ़ी हुई दर से वृद्धि में योगदान दिया। पिछली तिमाही में विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि संतुलित बने रहने की संभावना है।

इसमें कहा गया है कि मुद्रास्फीति की स्थिति वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान ज्यादातर समय नरम बनी रही। इसके पीछे मुख्य वजह निवेश खासकर निजी निवेश, निर्यात में सुधार, खपत आदि है। रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत वृद्धि तथा खाद्य कीमतों में आने वाले समय में सुधार से मुद्रास्फीति चार फीसदी के आसपास जा सकती है। वहीं चालू खाते का घाटा तथा राजकोषीय घाटा दोनों के नरम रहने की संभावना है। 

भारत विकास दर के मामले में लगातार दूसरी बार चीन को मात दे सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया है कि भारत की विकास दर चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसदी रहेगी। वहीं 2020 में इसके 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। 

चीन से काफी आगे

आईएमएफ ने कहा कि 2019 में चीन की विकास दर 6.3 फीसदी व 2020 में 6.1 फीसदी रहने की संभावना है। 2018 में चीन की विकास दर 6.6 फीसदी रही थी। वहीं भारत की विकास दर 7.1 फीसदी थी। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में निवेश काफी बढ़ रहा है, जिसके चलते खपत काफी ज्यादा होने की उम्मीद है। 

विश्व बैंक ने लगाया है यह अनुमान

विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक ने कहा कि निवेश खासकर निजी निवेश में मजबूती आने, मांग बेहतर होने तथा निर्यात में सुधार इसकी मुख्य वजह है। यह बात विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट में कही है।

विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया पर रविवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 फीसदी रही। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की बैठक से पहले यह रिपोर्ट जारी की गयी।

बढ़ गई औद्योगिक विकास दर

रिपोर्ट के अनुसार पहली तीन तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि वृद्धि व्यापक रही है। औद्योगिक वृद्धि बढ़कर 7.9 फीसदी पर आ गयी। सेवा क्षेत्र में जो कमी आयी, इसने उसकी भरपाई कर दी। वहीं कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चार फीसदी पर मजबूत रही।

रिपोर्ट के अनुसार मांग के संदर्भ में घरेलू खपत वृद्धि के लिये मुख्य कारक बनी हुई है लेकिन स्थिर पूंजी निर्माण तथा निर्यात दोनों ने बढ़ी हुई दर से वृद्धि में योगदान दिया। पिछली तिमाही में विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि संतुलित बने रहने की संभावना है।

इसमें कहा गया है कि मुद्रास्फीति की स्थिति वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान ज्यादातर समय नरम बनी रही। इसके पीछे मुख्य वजह निवेश खासकर निजी निवेश, निर्यात में सुधार, खपत आदि है। रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत वृद्धि तथा खाद्य कीमतों में आने वाले समय में सुधार से मुद्रास्फीति चार फीसदी के आसपास जा सकती है। वहीं चालू खाते का घाटा तथा राजकोषीय घाटा दोनों के नरम रहने की संभावना है। 





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