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Government Survey To Know Routine Of People | पहली बार ऐसा सरकारी सर्वे, जानेंगे कि लोग मोबाइल-गपशप सहित किन कामों में बिताते हैं समय


  • इस सर्वे में निम्न, मध्यम और उच्च श्रेणी में 6 साल से ऊपर के सभी लोग शामिल
  • देश के 10 हजार शहरों-गांवों में दिसंबर तक चलेगा, परिणाम से कई नीतिगत निर्णय होंगे

जोधपुर (रविंद्र शर्मा). भारत सरकार अब पहली बार ऐसा सर्वे करवा रही है, जिसमें यह जाना जाएगा कि लोग मोबाइल, गपशप, नींद आदि में कितना वक्त बिताते हैं। इस सैंपल सर्वे का एक डेटा बेस बनेगा। इसके आधार पर सरकार कई नीतिगत पॉलिसी का निर्धारण करेगी।

 

सर्वे को निम्न, मध्यम व उच्च श्रेणी, तीनों भागों में बांटा गया है, इसमें 6 वर्ष से ऊपर के सभी लोग शामिल होंगे। यह सर्वे नेशनल सेंपल सर्वे ऑफिस द्वारा शुरू किया गया है। इसके तहत टीमें टेबलेट सहित लोगों के घरों पर जाएंगी। वहां पर उनके दिए जवाबों के अनुसार ऑनलाइन ही सर्वे फॉर्म भरा जाएगा। यह सर्वे शुरू हो चुका है। प्रदेश में जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर  संभागीय क्षेत्रों में आने वाले शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे होगा। देशभर में दस हजार शहर-गांव में सर्वे दिसंबर तक चलेगा।

 

इस तरह के प्रश्न होंगे

 

{मोबाइल, फिल्म, टीवी, नींद में कितना वक्त गुजारते हैं

{बच्चों-युवाओं से पूछेंगे कि वे कितनी देर खेलते हैं

{स्टूडेंट्स को पढ़ाई के बारे में पूछा जाएगा

{महिलाओं से किचन व घरेलू कार्यों का समय, सखियों से कितनी बातचीत पूछेंगे

{बिजनेसमैन, मजदूर, गैर सरकारी व सरकारी कर्मचारियों से काम के घंटे व अन्य बातें जानेंगे

{बुजुर्गों से वॉक व स्वास्थ्य को लेकर सवाल होंगे, समाजसेवा का भी पूछेंगे

 

विकसित देशों में महिला-युवा केंद्रित निर्णय


विकसित देशों में यह पॉलिसी बरसों से है। इसमें यह पता किया जाता है कि जनता अधिक समय किस काम को देती है और किस काम में समय खराब करता है। इसके अनुरूप यह देश बच्चों, महिलाओं व युवाओं पर केंद्रित कई पॉलिसी बनाती हैं। इसके साथ ही वहां कई नीतिगत निर्णय भी किए जाते हैं। यह सर्वे विश्व के 100 देशों में हो चुका है।

 

समय का उपयोग सर्वेक्षण से हम लोगों की दिनचर्या का पता लगाएंगे। एक आम और खास आदमी और मध्यम श्रेणी का व्यक्ति किन क्रियाकलापों में समय ज्यादा और कम व्यतीत करता है। समय को लेकर गतिविधियों का सर्वे होगा। – एसएस जाड़ावत, संयुक्त निदेशक, एनएसएसओ, प. राजस्थान





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