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Government Promises To Reduce Corporate Tax Rate Said Ficci – सरकार ने कॉरपोरेट कर की दर कम करने का किया वादा : फिक्की 


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 06 Mar 2019 05:12 AM IST

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केंद्र सरकार ने जीएसटी संग्रह में सुधार के बाद छोडी-बड़ी सभी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को कम करके 25 फीसदी करने का वादा किया है। फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री के साथ कराधान, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। 

सोमानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने भरोसा दिया है कि समय के साथ जीएसटी संग्रह बढ़ने पर आने वाले कुछ वर्षों में वह कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए कर की दर को तर्कसंगत बनाएंगे। सरकार ने 2015-16 के बजट में घोषणा की थी कि अगले चार साल में कॉरपोरेट कर की दर को धीरे-धीरे घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा। 2017 के बजट में सरकार ने उन कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दिया था, जिनका कारोबार वित्त वर्ष 2015-16 में 50 करोड़ रुपये से कम था। 

इस कदम से छोटी एवं मझोली इकाइयों को फायदा मिला। सरकार ने इसके बाद 2018-19 के बजट में 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दिया। इसके बाद आयकर रिटर्न फाइल करने वाली करीब 7 लाख कंपनियों में से केवल 7,000 कंपनियां ही 30 फीसदी कर के दायरे में रह गई। 

वापस नहीं ली जानी चाहिए तरजीही छूट

अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों को सामान्य तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) के तहत मिली शुल्क छूट वापस लिए जाने के बारे में पूछने पर सोमानी ने कहा कि इससे भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धा कम होगी। उन्होंने कहा कि भारत को मिली तरजीही छूट को वापस नहीं लिया जाना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार उचित कदम उठाएगी। इसके लिए दोनों सरकारों को बातचीत करनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और तुर्की को तरजीही व्यापार व्यवस्था के तहत दी गई छूट समाप्त करने की मंशा जताई है। उन्होंने कहा है कि भारत और तुर्की अपने बाजारों तक बराबर एवं उचित पहुंच प्रदान करने को लेकर अमेरिका को आश्वस्त करने में नाकाम रहे हैं।

केंद्र सरकार ने जीएसटी संग्रह में सुधार के बाद छोडी-बड़ी सभी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को कम करके 25 फीसदी करने का वादा किया है। फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री के साथ कराधान, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। 

सोमानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने भरोसा दिया है कि समय के साथ जीएसटी संग्रह बढ़ने पर आने वाले कुछ वर्षों में वह कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए कर की दर को तर्कसंगत बनाएंगे। सरकार ने 2015-16 के बजट में घोषणा की थी कि अगले चार साल में कॉरपोरेट कर की दर को धीरे-धीरे घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा। 2017 के बजट में सरकार ने उन कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दिया था, जिनका कारोबार वित्त वर्ष 2015-16 में 50 करोड़ रुपये से कम था। 

इस कदम से छोटी एवं मझोली इकाइयों को फायदा मिला। सरकार ने इसके बाद 2018-19 के बजट में 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दिया। इसके बाद आयकर रिटर्न फाइल करने वाली करीब 7 लाख कंपनियों में से केवल 7,000 कंपनियां ही 30 फीसदी कर के दायरे में रह गई। 

वापस नहीं ली जानी चाहिए तरजीही छूट

अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों को सामान्य तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) के तहत मिली शुल्क छूट वापस लिए जाने के बारे में पूछने पर सोमानी ने कहा कि इससे भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धा कम होगी। उन्होंने कहा कि भारत को मिली तरजीही छूट को वापस नहीं लिया जाना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार उचित कदम उठाएगी। इसके लिए दोनों सरकारों को बातचीत करनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और तुर्की को तरजीही व्यापार व्यवस्था के तहत दी गई छूट समाप्त करने की मंशा जताई है। उन्होंने कहा है कि भारत और तुर्की अपने बाजारों तक बराबर एवं उचित पहुंच प्रदान करने को लेकर अमेरिका को आश्वस्त करने में नाकाम रहे हैं।





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