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Election 2018 Exit Poll of MP CG Rajasthan Telangana & Mizoram | राजस्थान-तेलंगाना में वोटिंग खत्म, 5 राज्यों के एग्जिट पोल्स के नतीजे थोड़ी देर में


  • मध्यप्रदेश में 75 और छत्तीसगढ़ में 76.35 फीसदी वोटिंग हुई, राजस्थान में आज 3 बजे तक 60% वोट पड़े
  • मप्र-छग में भाजपा 15 साल से सत्ता में, मिजोरम में कांग्रेस 10 साल से सरकार चला रही
  • तेलंगाना का यह दूसरा विधानसभा चुनाव

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 03:54 PM IST

नई दिल्ली. राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग थमने के साथ ही पांच चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल्स आने की शुरुआत हो जाएगी। मध्यप्रदेश में भाजपा पिछले 15 साल से सत्ता में है। वहीं, राजस्थान में पिछले पांच चुनाव से यह ट्रेंड है कि हर चुनाव में सरकार बदल जाती है। कोई भी सत्ताधारी दल लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बना पाता। छत्तीसगढ़ में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला है। 15 साल से मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में सरकार चला रही भाजपा को इस बार कांग्रेस के साथ-साथ अजीत जोगी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और मायावती की बसपा के गठबंधन से चुनौती है। तेलंगाना का यह दूसरा विधानसभा चुनाव है। वहीं, मिजोरम में पिछले 10 साल से कांग्रेस सत्ता में है।

 

1) मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में 230 सीटें हैं। इसके लिए 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 00 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। 2013 में भाजपा ने 165 और कांग्रेस ने 58 सीटें जीती थीं।

 

2) राजस्थान

राजस्थान में इस बार 200 में से 199 सीटों पर वोटिंग हुई। यहां शुक्रवार को वोटिंग हुई। 2013 में यहां भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थीं। 

3) छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 90 सीटें हैं। यहां 12 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग हुई। कुल 00 फीसदी मतदान हुआ। पिछली बार भाजपा ने 49 और कांग्रेस ने 39 सीटें जीती थीं। बसपा के खाते में एक ही सीट आई थी, लेकिन उसका वोट प्रतिशत 4.4% रहा था। बसपा और जोगी की छजकां के बीच इस बार गठबंधन है। जोगी ने 2016 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई थी।

 

4) तेलंगाना

राज्य में 119 सीटें हैं। यहां भी शुक्रवार को वोटिंग हुई। आंध्र से अलग होकर नए राज्य बने तेलंगाना में 2014 में पहली बार चुनाव हुआ था। तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 63, कांग्रेस ने 21, तेदेपा ने 15, एआईएमआईएम ने 7 और भाजपा ने 5 सीटें जीती थीं। इस बार मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने छह महीने पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी। इसी वजह से यहां जल्दी चुनाव हो रहे हैं। इस बार कांग्रेस और तेदेपा एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं।

 

5) मिजोरम 

राज्य में 40 विधानसभा सीटें हैं। यहां 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। कुल 00 फीसदी मतदान हुआ। यहां 10 साल से कांग्रेस सत्ता में है। मुख्यमंत्री ललथनहवला तीन बार से मुख्यमंत्री हैं। 2013 में यहां कांग्रेस ने 34 सीटें जीती थीं। एमएनएफ को 5 और एमजेडपीसी को 1 सीट मिली थी। इस बार विधानसभा अध्यक्ष हेफई समेत कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने यहां चुनाव की कमान असम के मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा को दी है, जिनके नेतृत्व में पार्टी ने इसी साल त्रिपुरा में पहली बार जीत हासिल की थी। मिजोरम कांग्रेस की सरकार वाले चार राज्यों में शामिल है। यह पूर्वोत्तर का इकलौता राज्य है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है।



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