Dgca Ask Airlines To Keep Fares Low As Jet Airways Temporary Shutdown – यात्रियों को नहीं हो परेशानी, हवाई कंपनियों को डीजीसीए ने दिया निर्देश

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जेट एयरवेज के अस्थाई तौर पर सेवाएं बंद करने के बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने हवाई कंपनियों को निर्देश जारी किया है। डीजीसीए ने कंपनियों से कहा है कि इसके चलते किरायों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए ताकि यात्री परेशान न हो। 

रोजाना रखेगा नजर

डीजीसीए ने कहा है कि वो किरायों पर लगातार नजर रखेगा। जेट एयरवेज के विमानों का परिचालन बंद होने से पहले से उड़ रहे विमानों की संख्या में काफी कमी आ गई है। इस वजह से कई प्रमुख रूट्स पर हवाई किराये 40 से लेकर के 100 फीसदी तक बढ़ गए थे।

डीजीसीए हवाई किराये पर नजर रखने के लिए रोजाना इसकी समीक्षा करेगा और एयरलाइन के साथ मिलकर उचित कदम उठाने पर जोर देगा। डीजीसीए ने मंगलवार को एयरलाइंस प्रतिनिधियों के साथ बैठक में निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन की स्थितियों से नियामक को अवगत कराएंगे। एयरलाइंस ने आश्वस्त किया कि वे यात्रियों को कम मूल्य के टिकट उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे। 

यात्रियों के हितों की रक्षा के निर्देश

नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को निर्देश दिया है कि जेट एयरवेज संकट से यात्रियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें। खासतौर पर किराये और उड़ान रद्द होने को लेकर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कंपनी के सभी हिस्सेदारों से मिलकर संकट दूर करने का भी आग्रह किया। कहा, मुश्किल में फंसी जेट की समीक्षा कर उचित कदम उठाया जाना चाहिए।

निवेशकों ने गंवाए 225 करोड़

कंपनी का संचालन पूरी तरह बंद होने की खबरों के बाद मंगलवार को जेट एयरवेज के शेयर 19 फीसदी तक लुढ़क गए। आखिर में यह बीएसई पर 7.62 फीसदी गिरकर 241.85 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर 7.71 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान कंपनी का पूंजीकरण 225 करोड़ घटकर 2,747 करोड़ रह गया। बीएसई पर कंपनी के 48.67 लाख शेयर हैं, जबकि एनएसई पर 5 करोड़ से ज्यादा शेयर हैं।

जेट एयरवेज के अस्थाई तौर पर सेवाएं बंद करने के बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने हवाई कंपनियों को निर्देश जारी किया है। डीजीसीए ने कंपनियों से कहा है कि इसके चलते किरायों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए ताकि यात्री परेशान न हो। 

रोजाना रखेगा नजर

डीजीसीए ने कहा है कि वो किरायों पर लगातार नजर रखेगा। जेट एयरवेज के विमानों का परिचालन बंद होने से पहले से उड़ रहे विमानों की संख्या में काफी कमी आ गई है। इस वजह से कई प्रमुख रूट्स पर हवाई किराये 40 से लेकर के 100 फीसदी तक बढ़ गए थे।

डीजीसीए हवाई किराये पर नजर रखने के लिए रोजाना इसकी समीक्षा करेगा और एयरलाइन के साथ मिलकर उचित कदम उठाने पर जोर देगा। डीजीसीए ने मंगलवार को एयरलाइंस प्रतिनिधियों के साथ बैठक में निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन की स्थितियों से नियामक को अवगत कराएंगे। एयरलाइंस ने आश्वस्त किया कि वे यात्रियों को कम मूल्य के टिकट उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे। 

यात्रियों के हितों की रक्षा के निर्देश

नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को निर्देश दिया है कि जेट एयरवेज संकट से यात्रियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें। खासतौर पर किराये और उड़ान रद्द होने को लेकर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कंपनी के सभी हिस्सेदारों से मिलकर संकट दूर करने का भी आग्रह किया। कहा, मुश्किल में फंसी जेट की समीक्षा कर उचित कदम उठाया जाना चाहिए।

निवेशकों ने गंवाए 225 करोड़

कंपनी का संचालन पूरी तरह बंद होने की खबरों के बाद मंगलवार को जेट एयरवेज के शेयर 19 फीसदी तक लुढ़क गए। आखिर में यह बीएसई पर 7.62 फीसदी गिरकर 241.85 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर 7.71 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान कंपनी का पूंजीकरण 225 करोड़ घटकर 2,747 करोड़ रह गया। बीएसई पर कंपनी के 48.67 लाख शेयर हैं, जबकि एनएसई पर 5 करोड़ से ज्यादा शेयर हैं।





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