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Dangerous trends for revenge | बदला लेने का खतरनाक ट्रेंड, अपने ही चाचा की हत्या; पिता को मारी गोली


  • गोलियों की गूंज के लिए पहचाने जाने वाले चंबल अंचल में दुश्मनों से बदला लेने के लिए अपराध का नया तरीका
  • भिंड-दतिया में झूठी कहानी गढ़कर केस दर्ज कराने वालों पर हो रही है कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2018, 12:14 AM IST

अबनीश श्रीवास्तव/रामू प्रजापति (भिंड/दतिया). गोलियों की गूंज के लिए पहचाने जाने वाले चंबल अंचल में दुश्मनों से बदला लेने के लिए अपराध का नया तरीका निकाला गया है। यहां लोग दुश्मनों पर केस दर्ज कराने के लिए न सिर्फ खुद को गोली मारकर जख्मी कर रहे हैं, बल्कि अपनों की जान लेने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं।

 

भिंड और दतिया जिले में हाल ही में इस तरह की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि घटना के तत्काल बाद झूठा केस तो दर्ज करा दिया गया, लेकिन पुलिस विवेचना में इनकी झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया और झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर उल्टी कार्रवाई हुई। भिंड के एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि अभी हाल में कुछ इस तरह के केस सामने आए हैं, जिसमें लोगों ने खुद को घायल करके दूसरों को फंसाने के लिए झूठे नाम लिखाए हैं। सही आरोपी तक पहुंचने में समय जरूर लगा है। लेकिन किसी भी निर्दोष को नहीं फंसने दिया गया है।

 

8 दुश्मनों को फंसाने के लिए सगे चाचा की हत्या

दतिया जिले के हरिराम बघेल की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई अमर सिंह की सूचना पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। मृतक के भतीजे प्रेमनारायण ने आठ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन जांच में सामने आया कि जिन लोगों पर प्रेमनारायण ने आरोप लगाया है, उन सभी से उसकी रंजिश चल रही है। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल लिया। प्रेमनारायण ने 8 आरोपियों को झूठा फंसाने के लिए यह कहानी रची थी।  

पिता को मार दी गोली

भिंड जिले के गिरवासा गांव में बीती 15-16 फरवरी की दरम्यानी रात तुलसीराम दीक्षित (60) गोली लगने से घायल हो गए थे। उनके बेटे ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही कुछ लोगों ने उनके पिता को गोली मार दी। लेकिन जब पुलिस ने इसकी जांच की तो गोली लगने की दिशा और दुश्मनों द्वारा गोली मारने वाली दिशा में अंतर पाया गया। साथ ही जांच में सामने आया कि गोली किसी और ने नहीं बल्कि उनके बेटे ने ही अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए मारी है। बाद में पुलिस ने उनके बेटे से घटना में प्रयुक्त कट्‌टा भी बरामद कर लिया।  

 

गोली लगी ही नहीं पर बताया पिस्टल से गोली मारी

18 जुलाई को भिंड के नीरज शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह स्वरूप विद्या निकेतन में अपनी बच्ची की ड्रेस खरीदने जा रहा था। तभी दो बाइकों पर आए चार लोगों ने उसे घेर लिया। एक व्यक्ति ने पिस्टल से उसे गोली मारी, उसके दाहिने हाथ के बाजू में लगी। पुलिस ने इस मामले में भगवान, रामलखन, सुनील कांकर और कौशल कांकर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। लेकिन जब पड़ताल की तो मौके पर लोगों ने बताया कि यहां कोई गोली नहीं चली है। डाॅक्टर ने भी बताया कि घाव गोली का नहीं है। वहीं घायल और उसके भाइयों के कथनों में भी विरोधाभास रहा। इसके अलावा आरोपियों की लोकेशन भी अलग-अलग आई। जब पुलिस ने घायल से कड़ाई से पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया।   

 

आरोपी कि ससुराल वालों ने मारी गोली, मौके पर गोली ही नहीं चली

27 मई को भिंड के भूरा मठी निवासी सुरेंद्र सिंह कुशवाह ने पुलिस को बताया कि वह बस स्टैंड पर सब्जी खरीदने गया था। तभी आरटीओ ऑफिस के समीप बाइक पर सवार होकर आए दो लोगों ने उसे गोली मार दी, जो कि उसके पैर में लगी। उसने बताया कि गोली शंभू सिंह और राजेश मारी है। पुलिस ने केस दर्ज जब इसकी पड़ताल शुरू की तो मौके पर लोगों ने गोली न चलना बताया। वहीं एफएसएल डॉ अजय सोनी ने भी पैर में गोली का डायरेक्शन घायल के मुताबिक उल्टा बताया। इसके बाद जिन पर आरोप लगाए गए उनकी लोकेशन भी अलग-अलग मिली। ऐसे में पुलिस ने 17 जून को सुरेंद्र सिंह से सख्ती से पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई। उसने बताया कि उसने अपने ससुरालजन को झूठा फंसाने के लिए एेसा किया था।

 

जांच में खुलासा, बेटे ने ही की थी हत्या

3 अक्टूबर की रात दतिया जिले के उनाव थाना क्षेत्र के तरगुवां माइनर पर मूलचंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शुरू से ही पुलिस के शक की सुई मृतक के ही बेटे और उनके रिश्तेदारों पर घूम रही  थी। वजह यह है कि हत्या के वक्त मृतक के साथ उसका बेटा और रिश्तेदार थे। लेकिन इनके सभी के कथनों में विरोधाभास था। साथ ही इस मामले में जिस एक आरोपी का नाम बताया गया, उससे मृतक के बेटे का जमीनी विवाद चल रहा है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि मृतक के बेटे ने ही अपने दुश्मन को फसाने के लिए पिता की हत्या की थी।



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