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Court acquits Sambia Sohrab of killing Air Force corporal | एयरफोर्स अफसर की हत्या के मामले में सांबिया सोहराब बरी, जज ने पुलिस और डॉक्टर को फटकारा


  • जनवरी 2016 में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के दौरान हुई थी वारदात
  • राजद के पूर्व विधायक के पुत्र ने दो अफसरों को परेड ग्राउंड में कुचला था

कोलकाता. एयरफोर्स के कारपोरल अफसर अभिमन्यु गौड़ की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी सांबिया सोहराब को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सेशन जज मौमिता भट्‌टाचार्य ने पुलिस के जांच दल और गौड़ के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को फटकार लगाई है।

साक्ष्य के बजाए भावनात्मक रिपोर्ट पेशः कोर्ट

  1. कोर्ट का कहना था कि दोनों ने साक्ष्य पेश करने की बजाए भावनात्मक रिपोर्ट पेश की, लेकिन उनकी रिपोर्ट सोहराब को हत्या के मामले में दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस मामले में एयरफोर्स के कैप्टन उमेश कुमार जख्मी हुए थे। गौड़ सूरत के निवासी थे।


  2. सोहराब ने परेड ग्राउंड में घुसा दी थी ऑडी

    13 जनवरी 2016 को फोर्ट विलियम्स स्थित परेड ग्राउंड में यह वारदात हुई थी। एयरफोर्स के कर्मी गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल कर रहे थे। अभिमन्यु और कैप्टन उमेश भी इसमें शामिल थे। इसी दौरान एक ऑडी क्यू 7 एसयूवी बेरीकेडिंग को तोड़ती हुई ग्राउंड में दाखिल हुई। कार की चपेट में आने से 21 वर्षीय अभिमन्यु की मौत हो गई जबकि कैप्टन उमेश जख्मी हो गए थे। 


  3. 17 जनवरी को गिरफ्तार हुआ था सोहराब

    पुलिस ने सोहराब को 17 जनवरी को गिरफ्तार किया था। उसके पिता मोहम्मद सोहराब बराबाजार से विधायक रहे हैं। पुलिस ने सोहराब को छिपाने के आरोप में उसके पिता के साथ शाहनवाज खान और नूर आलम को भी गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने इन तीनों को भी सोहराब के साथ बरी कर दिया। 


  4. पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था

    कोलकाता पुलिस ने सोहराब को अभिमन्यु की हत्या के मामले में नामजद किया था। कैप्टन उमेश को गाड़ी के नीचे कुचलने के मामले में सोहराब पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज हुआ था। पुलिस ऐसा कोई साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं कर सकी, जिसके जरिए सोहराब को दोषी ठहराया जा सके। पुलिस हत्या की वजह भी तलाश नहीं कर सकी।  


  5. सोहराब को दो साल की सजा के साथ जुर्माना

    कोर्ट ने सोहराब को लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी करार दिया। इनके तहत अधिकतम दो साल की सजा हो सकती है, लेकिन सोहराब 17 जनवरी 2016 से जेल में बंद है। लिहाजा कोर्ट ने माना कि उसकी सजा पूरी हो चुकी है। 

  6. कोर्ट ने सोहराब पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह रकम अभिमन्यु के परिवार को मिलेगी। इसके अतिरिक्त उसे 10 हजार रुपये सरकारी ट्रेजरी में जमा कराने होंगे। सोहराब के वकील ने कहा कि यह रकम वह दोपहर तक जमा करा देगा। 







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