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Copy of court decisions will be available in Hindi too | कोर्ट के फैसलों की कॉपी हिंदी में भी मिलेगी, सुप्रीम कोर्ट से लाइव प्रसारण होगा

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  • किन मामलों का लाइव प्रसारण होगा, यह सिर्फ जज ही तय करेंगे
  • अदालतों के सभी फैसलाें को अपनी भाषाओं में पढ़ पाएंगे लोग

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2019, 07:09 AM IST

नई दिल्ली. कोर्ट के फैसलों की कॉपी हिंदी में भी मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में सभी हाईकोर्ट को कहा है। हिंदी के बाद दूसरी भाषाओं में भी कॉपी मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट सुनवाई का लाइव प्रसारण शुरू करेगा। अयोध्या विवाद, आर्टिकल 35ए, पाकिस्तानियों को बसाने के कानून पर आ सकता है।

 

काम की बातें


  1. किन मामलों का लाइव प्रसारण होगा, यह सिर्फ जज ही तय करेंगेे

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई का लाइव प्रसारण शुरू करेगा। कोर्ट में भीड़ कम करने के लिए वकील इंदिरा जयसिंह की याचिका पर सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कुछ नियमों के साथ केसों के लाइव प्रसारण की अनुमति दी थी। किन मामलों का लाइव प्रसारण होगा, ये सिर्फ जज तय करेंगे।


  2. अदालतों के सभी फैसलाें को अपनी भाषाओं में पढ़ पाएंगे लोग

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अंग्रेजी नहीं समझने वाले लोगों की दुविधा को देखते हुए फैसलों की कॉपी हिंदी में मुहैया कराने की बात कही थी। दो नवंबर को उन्होंने कहा था, लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी अंग्रेजी में मिलती है, जो उन्हें समझ ही नहीं आती। पहले हिंदी और उसके बाद दूसरी भाषाओं में भी फैसले की कॉपी मिलनी शुरू हो जाएगी। 


  3. तीन पुराने केस जिन पर फैसले हो सकते हैं

    अयोध्या विवाद: 4 जनवरी से सुनवाई

    राम जन्मभूमि विवाद में दायर याचिकाओं पर 4 जनवरी से सुनवाई शुरू होगी। इसी साल फैसले की संभावना है। 7 भाषाओं के 9000 पन्नों के दस्तावेजों का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद कराया जा चुका है।


  4. आर्टिकल 35ए  फैसला संभव

    जम्मू-कश्मीर सरकार को संविधान के आर्टिकल 35ए के तहत अलग कानून बनाने का अिधकार है। इसकी संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुनवाई शुरू शुरू होगी।

     


  5. पाकिस्तानियों को बसाने के कानून पर

    बंटवारे के समय पाकिस्तान गए लोगों को जम्मू-कश्मीर में बसने देने की मंजूरी वाले कानून पर भी इसी महीने सुनवाई शुरू होगी। ये मामला 1981 से लंबित है।





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