Azim Premji Wipro To Buyback Shares Worth 12k Crore Rupees – विप्रो करेगी 12 हजार करोड़ रुपये के शेयरों का बायबैक, निवेशकों को होगा 17 फीसदी फायदा

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देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो एक बार फिर से अपने शेयरों का बायबैक करने जा रही है। बाजार नियामक सेबी ने कंपनी को इसके लिए मंजूरी दे दी है। इस बायबैक से निवेशकों को 17 फीसदी फायदा होगा। 

तीसरी बार करेगी बायबैक

विप्रो का यह लगातार तीसरी बार बायबैक होगा। इससे पहले 2016 में 2500 हजार करोड़ और 2017 में 11 हजार करोड़ रुपये के शेयरों का बायबैक किया था। 22 अप्रैल 2016 को कंपनी ने चार करोड़ शेयर खरीदे थे, जिन्हें चार फीसदी के प्रीमियम पर 625 रुपये में कंपनी ने खरीदा था। इसके बाद कंपनी ने सितंबर 2017 में 34.4 करोड़ शेयर 19 फीसदी प्रीमियम पर 320 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा था। 

चार कंपनियों का होगा विलय

अजीम प्रेमजी द्वारा शुरू की गई इस कंपनी में विप्रो टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रिया, विप्रो इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रिया, न्यू लॉजिक टेक्नोलॉजी एसएआरएल और ऐपिरियो इंडिया क्लाउड सॉल्यूशन शामिल हैं। इससे पहले टीसीएस, कॉग्निजेंट, एचएसीएल टेक्नोलॉजिस और माइंडट्री ने शेयरों का बायबैक किया था। पिछले साल इंफोसिस ने अपने 36 साल के इतिहास में करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया था। 

पाकिस्तानी नागरिकों के शेयरों को बेचा

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के करीब 1,150 करोड़ रुपये के शत्रु शेयरों की बिक्री भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एवं दो अन्य सरकारी बीमा कंपनियों को बेच दिया है। यह शेयर पाकिस्तानी नागरिकों के थे जो 1960 के बाद से भारत सरकार के पास कब्जे में थे। इन्हें शत्रु संपत्ति कानून के तहत जब्त किया गया था।

पहली बार सरकार ने बेचे शेयर

बीएसई पर सौदे के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कस्टडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया ने कंपनी के 4.43 करोड़ से अधिक शेयरों को 258.90 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने किसी कंपनी के पास मौजूद ऐसे शेयरों को बेचा है।

यह शेयर पाकिस्तानी नागरिकों के थे, जिन्हें सरकार ने शत्रु संपत्ति कानून 1968 के तहत चीन व पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद जब्त किया था। ये शेयर एलआईसी के अलावा जनरल इंश्योरेंस और दी न्यू इंडिया एश्योरेंस को बेचे गये हैं। इनमें सर्वाधिक 3.86 करोड़ शेयर एलआईसी ने खरीदे।इससे प्राप्त राशि सरकार के विनिवेश के खाते में जाएगी। 

फिलहाल हैं तीन हजार करोड़ के शेयर

कस्टेडियन के पास फिलहाल शत्रु संपत्ति के तौर पर करीब तीन हजार करोड़ के शेयर और एक लाख करोड़ की अचल संपत्ति है। विप्रो के पास जो शेयर थे, वो दो पाकिस्तानी नागरिको के थे। भारत की तरह पाकिस्तान के पास भी शत्रु संपत्ति है जो उसने बेच दी है।

देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो एक बार फिर से अपने शेयरों का बायबैक करने जा रही है। बाजार नियामक सेबी ने कंपनी को इसके लिए मंजूरी दे दी है। इस बायबैक से निवेशकों को 17 फीसदी फायदा होगा। 

तीसरी बार करेगी बायबैक

विप्रो का यह लगातार तीसरी बार बायबैक होगा। इससे पहले 2016 में 2500 हजार करोड़ और 2017 में 11 हजार करोड़ रुपये के शेयरों का बायबैक किया था। 22 अप्रैल 2016 को कंपनी ने चार करोड़ शेयर खरीदे थे, जिन्हें चार फीसदी के प्रीमियम पर 625 रुपये में कंपनी ने खरीदा था। इसके बाद कंपनी ने सितंबर 2017 में 34.4 करोड़ शेयर 19 फीसदी प्रीमियम पर 320 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा था। 

चार कंपनियों का होगा विलय

अजीम प्रेमजी द्वारा शुरू की गई इस कंपनी में विप्रो टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रिया, विप्रो इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रिया, न्यू लॉजिक टेक्नोलॉजी एसएआरएल और ऐपिरियो इंडिया क्लाउड सॉल्यूशन शामिल हैं। इससे पहले टीसीएस, कॉग्निजेंट, एचएसीएल टेक्नोलॉजिस और माइंडट्री ने शेयरों का बायबैक किया था। पिछले साल इंफोसिस ने अपने 36 साल के इतिहास में करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया था। 





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