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8 Indians stranded for months on ship off UAE coast cry out for help | तीन साल से दुबई में फंसे हैं ये 8 भारतीय, कई महीनों से नहीं मिली सैलरी, पासपोर्ट भी हो गया है जब्त, अब भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार

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हैदराबाद. यूएई के शारजाह पोर्ट पर फंसे 8 भारतीय नाविकों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इन्हें लगभग बंधकों की तरह रखा गया है। शारजाह पोर्ट पर इनका शिप तीन साल पहले हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद इनके सीमैन बुक्स और पासपोर्ट्स को जब्त कर लिया गया है। इनमें आंध्रप्रदेश के दो, तमिलनाडु के तीन और यूपी, पश्चिम बंगाल और असम के एक-एक नाविक शामिल हैं। इसके अलावा सूडान और तंजानिया के भी एक-एक नाविक फंसे हुए हैं।

गुलामों की तरह जी रहे जिंदगी

– शिप पर सवार कैप्टन अय्यपन स्वामिनाथन ने टीओआई को बताया, ”यूएई में हमें गुलामों की तरह जिंदगी बितानी पड़ रही है। यहां हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया गया है। हम घर भी नहीं लौट सकते और हमें मैनेजमेंट से मदद का इशारा भी नहीं मिल रहा। हमारी सैलरी भी महीनों से पेंडिंग है।”

– अय्यपन ने ये भी बताया कि तमिलनाडु में पिछले दिनों आए गाजा साइक्लोन में उनके परिवार को बहुत नुकसान भी हुआ। उनका पूरा मकान तबाह हो गया, लेकिन फिर भी घर पर पैसे तक नहीं भेज पाए।

– वहीं, नाविक रमेश ने एक वीडियो मैसेज के जरिए अपील की, ”हम घर लौटना चाहते हैं। प्लीज मदद कीजिए।” यह वीडियो मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली शाहीन सय्यद ने अथॉरिटी को मुहैया कराया है।

– एमवी अजराकमोइआ शिप को यूएई के अफसरों ने 15 अप्रैल 2016 को कस्टडी में लिया था। इसमें सवार रमेश गाडेला, यल्ला राव चेक्का, कैप्टन अय्यपन स्वामीनाथम, भरत हरिदास, गुरुनाशन, आलोक पाल, नस्कर सौरभ और राजिब अली पकड़ लिए गए।

– इन सभी नाविकों की सीमैन बुक्स और पासपोर्ट्स जब्त कर लिए गए। वहीं, इन्हें बंधक बनाकर रख लिया गया। तीन साल से इन्हें मदद का इंतजार था लेकिन कोई सहारा नहीं मिला तो उन्होंने मदद की गुहार लगाई।

कई महीनों से नहीं मिली सैलरी

– इन नाविकों को मुंबई की रसिया शिपिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, ओथ मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कृष्णामृतम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड ने नौकरी पर रखा था।

– वहीं, शिप का मैनेजमेंट देखने वाली आबुधाबी की कंपनी एलीट वे मरीन सर्विसेज आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। वहीं यूएई के ट्रांसपोर्ट विभाग ने शिप के कॉर्मशियल इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।

– हालात, ये हैं कि नाविकों और क्रू के मेंबर्स को सैलरी भी नहीं मिल रही है। क्रू बहुत सारे हेल्थ इश्यूज का भी सामना कर रही है। उन्हें दुबई में मौजूद कॉन्स्युलेट जनरल ऑफ इंडिया की ओर से कुछ राहत दी गई है, लेकिन क्रू का आरोप है कि यह काफी नहीं है।

– कैप्टन अय्यपन स्वामीनाथन का कहना है कि यहां हर कोई हमारी तकलीफ के बारे में जानता है, लेकिन फिर भी हम ऐसी ही जिंदगी जीने को मजबूर हैं।





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