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7 बुरी आदतें जो बर्बाद कर देंगे आपकी किडनी, नींद पूरी नहीं होना भी एक वजह | World Kidney Day 2019: Seven Common Habits That May Harm Your Kidneys


 नींद की कमी से

नींद की कमी से

एक स्‍वस्‍थ शरीर के ल‍िए अच्‍छी नींद जरुरी होती है।

किडनी फंक्‍शन हमारे सोने और जागने की चक्र से प्रभावित होती है। अच्‍छी नींद से किडनी पर दवाब कम पड़ता है और इससे 24 घंटे काम करने वाले किडनी के वर्कलोड कम होता है।

अधिक मात्रा में शराब पीना

अधिक मात्रा में शराब पीना

नियमित तौर पर अधिक शराब के सेवन से भी किडनी पर बुरा असर पड़ता है। जिन लोगों को शराब और स्‍मोकिंग दोनों की लत है, उनके ल‍िए तो खतरा बहुत ज्‍यादा है। नियमित से ज्यादा एल्कोहल लेना न केवल किडनी, बल्कि लिवर को भी खराब करता है। इसी तरह धूम्रपान करना किडनी तक खून के संचार को धीमा कर देता है।

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 ब्लड प्रेशर काबू न रखना

ब्लड प्रेशर काबू न रखना

उच्च रक्तचाप भी किडनी पर असर डालता है। हाई ब्‍लड प्रेशर पर रक्‍त कोशिकाओं पर असर पड़ता है। अगर बीपी की समस्या रहती है तो सही समय पर दवाएं लेना और खान-पान का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।

 अधिक और कम मात्रा में पानी पीना

अधिक और कम मात्रा में पानी पीना

दोनों ही आदतें किडनी के ल‍िए नुकसानदायक साबित हो सकती है। बहुत कम पानी पीने से विषैले तत्व शरीर में जमा होने लगते हैं, जो कई रोगों का कारण बन सकते हैं। अचानक बहुत ज्यादा पानी पीना भी किडनी पर दबाव बढ़ाता है। शरीर की जरूरत के अनुसार एक दिन में डेढ़ से दो लिटर पानी जरूर पीना चाहिए। अधिक दवाओं का सेवन किडनी पर बुरा असर डालता है।

 अधिक दवाओं का सेवन

अधिक दवाओं का सेवन

अगर आप लंबे समय से दर्द निवारक दवाएं का सेवन करने के अलावा डॉक्टर की बिना सलाह से खुद से दवा लेते है तो ये आपकी किडनी के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकता है। खुद से एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवाएं लेने से बचें। अगर पेशाब संक्रमण जल्दी-जल्दी होता है तो डॉक्टर से जरूर मिलें। ऐसा होना किडनी की खराबी का संकेत भी हो सकता है।

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नॉनवेज खाने से

नॉनवेज खाने से

नॉनवेज खाने से भी, उसमें भी ज्यादा रेड मीट खाना किडनी की सेहत को बिगाड़ सकता है। कारण, इससे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पथरी हो सकती है और जो गुर्दा को प्रभावित होता है।

 पेशाब रोकने से

पेशाब रोकने से

देर तक पेशाब रोकने से किडनी से बाहर निकलने वाले विषाक्त तत्व मूत्र मार्ग से वापस जाने लगते हैं या एक जगह एकत्र होने लगते हैं। इससे किडनी पर दोहरा दबाव पड़ता है। इसके अलावा साल में एक बार सीरम क्रिएटिनिन टेस्‍ट जरुर करवाएं।





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