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हिंदी न्यूज़ – धोनी की धीमी पारी से दूसरे छोर पर रोहित शर्मा पर दबाव बढ़ा: अजीत अगरकर – MS Dhoni innings didn’t help Rohit Sharma at the other end, says Ajit Agarkar

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धोनी की धीमी पारी से दूसरे छोर पर रोहित शर्मा पर दबाव बढ़ा: अजीत अगरकर

एमएस धोनी ने पहले वनडे मं 96 गेंदों में 51 रन बनाए.

News18Hindi

Updated: January 13, 2019, 12:30 PM IST

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजीत अगरकर का मानना है कि पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एमएस धोनी की धीमी पारी की वजह से उनके पार्टनर रोहित शर्मा पर दबाव बना. धोनी ने 2017 दिसंबर के बाद पहली बार अर्धशतक बनाया. इस पारी के दौरान उन्होंने भारत के लिए वनडे में अपने 10 हजार रन भी पूरे किए. लेकिन अर्धशतक बनाने के बावजूद धोनी ने 96 गेंदें खेल डालीं. जिसको लेकर फैंस ने अपनी नाखुशी जाहिर की है.

जब टीम इंडिया ने 289 रन के लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया था तब वे 4 रन पर 3 विकेट गंवाने के साथ काफी परेशानी में नजर आ रहे थे. झाए रिचर्डसन और जेसन बेहरनडॉर्फ ने भारतीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को आंखें जमाने का मौका नहीं दिया और एक के बाद एक विकेट झटके. ऐसे में धोनी और रोहित ने मोर्चा संभाला. जैसा कि परिस्थिति ठीक नहीं थी इसलिए दोनों ने शुरू में बड़े शॉट लगाने की कोशिश नहीं की लेकिन जैसे ही गेम आगे बढ़ा रोहित ने शॉट लगाने शुरू कर दिए.

लेकिन धोनी बड़े रन रेट के आगे तजी से रन बनाने में जूझते नजर आए. आखिरकार धोनी 51 रन बनाकर आउट हुए. इस दौरान उन्होंने रोहित के साथ चौथे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी निभाई. वहीं मैच में रोहित ने 133 रन बनाए लेकिन दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण उनकी पारी बेकार चली गई. टीम इंडिया आखिरकार 50 ओवरों में 254-9 का स्कोर ही बना पाई और मैच 34 रन से हार गई. इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिेकेटर अजीत अगरकर का मानना है कि धोनी की पारी से रोहित को दूसरे छोर पर बहुत कम मदद मिली.

ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत में अगरकर ने कहा, “जब 4 रन पर 3 विकेट गिर जाएं तो परिस्थितियां कठिन होती हैं. ऐसे में आप 25 से 30 गेंदें सेट होने के लिए ले सकते हैं लेकिन जब आप सेट हो जाएं तो आपको रन रेट की ओर ध्यान देना चाहिए. वैसे तो रोहित ही अकेले उतने रन बना लेते लेकिन इस दौरान दूसरे छोर से सपोर्ट की जरूरत थी. लेकिन उन्हें एक ऐसे बल्लेबाज से सहयोग की जरूरत नहीं थी जो 100 गेंदों में 50 रन बनाए. वनडे क्रिकेट में 100 गेंदें बहुत होती हैं.”“आप कह सकते हैं कि शुरुआती गेंदों में थमकर खेलना जरूरी था क्योंकि दबाव बना हुआ था और आपको विकेट फेंकने से बचना था. लेकिन बाद में आपको वही करना था जो टीम को चाहिए था लेकिन अगर आप वह नहीं कर रहे हैं तो आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत है कि वह बल्लेबाज टीम के लिए ठीक है कि नहीं. हां, उन्होंने अर्धशतक लगाया लेकिन उसके लिए 100 गेंदें ले लीं. उससे रोहित को दूसरे छोर पर मदद नहीं मिली. इस तरह से लगा कि रोहित को ज्यादा ही बोझ आ गया.”
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